जमशेदपुर : रामदास सोरेन सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में “हर घर कॉपी, हर हाथ कलम” अभियान के अंतर्गत जमशेदपुर के सोनारी न्यू कपाली बस्ती स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के बीच कॉपी एवं कलम वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा एवं महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जन्म जयंती के पावन अवसर पर संपन्न हुआ, जिससे आयोजन को विशेष शैक्षणिक, राष्ट्रप्रेरक एवं आध्यात्मिक स्वरूप प्राप्त हुआ. कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उनके शैक्षणिक सफर को सशक्त बनाना रहा. बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया.(नीचे भी पढ़ें)

यह अभियान झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन के शिक्षा-केन्द्रित विचारों एवं सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से निरंतर चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड आंदोलनकारी बीर सिंह सोरेन एवं झामुमो के केंद्रीय सदस्य मनोज कुमार यादव उपस्थित रहे. साथ ही अरुण सिंह राजा, रोहित लोहरा, डी. रवि, मुकेश लोहरा, नीलू प्रसाद सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय साथी मौजूद रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता से आयोजन सफल एवं प्रभावशाली बना. इस अवसर पर मुख्य अतिथि मनोज कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती पूजा एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जन्म जयंती जैसे प्रेरणादायी अवसर पर बच्चों को कॉपी-कलम भेंट करना अत्यंत सार्थक पहल है. शिक्षा ही समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है. (नीचे भी पढ़ें)

रामदास सोरेन सेवा फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा यह कार्य पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन जी के शैक्षणिक दृष्टिकोण और उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है. वहीं कार्यक्रम के संयोजक अंकित सिंह ने कहा कि कॉपी और कलम किसी बच्चे के लिए केवल अध्ययन का साधन नहीं, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य की नींव होते हैं. यह अभियान पूर्व मंत्री, झारखंड सरकार स्वर्गीय रामदास सोरेन के शिक्षा-आधारित विचारों को आगे बढ़ाने हेतु निरंतर आयोजित किया जा रहा है.(नीचे भी पढ़ें)

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का जीवन हमें अनुशासन, त्याग और राष्ट्रनिर्माण के लिए शिक्षित होने की प्रेरणा देता है. अतिथियों ने बच्चों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के अंत में आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों, स्थानीय नागरिकों एवं फाउंडेशन के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया.




