जमशेदपुर: भारत की अग्रणी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माता कंपनियों में से एक, आरएसबी ग्रुप ने अपनी प्रमुख पहल ‘एक पहल’ वार्षिक उत्सव के चौथे संस्करण का सफलतापूर्वक आयोजन किया. इस वर्ष के कार्यक्रम का प्रभावशाली विषय (थीम) “एक पहल सपनों से आगे” था. इस गरिमामयी समारोह में आरएसबी ग्रुप के वाइस चेयरमैन एसके बेहरा मुख्य रूप से उपस्थित रहे. उनके साथ उनके परिवार की सदस्य संगीता बेहरा और नलिनी बेहरा की उपस्थिति ने इस उत्सव की शोभा और बढ़ा दी. यह उत्सव ‘एक पहल’ समुदाय के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ, क्योंकि इस वर्ष इस परिवार का दायरा काफी बढ़ गया. कार्यक्रम के दौरान सेटको की 200 से अधिक महिला कर्मचारियों का आरएसबी परिवार में गर्मजोशी से स्वागत किया गया. इस समारोह में जमशेदपुर सहित पूरे भारत में स्थित आरएसबी के सभी केंद्रों की महिला कर्मचारी एक साथ शामिल हुईं. दिन का मुख्य आकर्षण एक ज्ञानवर्धक और बेहद प्रेरणादायक राउंड-टेबल पैनल चर्चा रही. विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी हस्तियों डॉ. रेखा पांडा, सिंगो मार्डी, लीना अदेसरा और देबोश्री दत्ता ने अपने जीवन के गहरे अनुभव साझा किए. चर्चा इस बात पर केंद्रित थी कि बड़ी महत्वाकांक्षाओं को दैनिक कार्यों में बदलने के लिए कितनी कड़ी मेहनत, जुनून और प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है. (नीचे भी पढ़ें)

इन प्रेरक कहानियों ने उपस्थित दर्शकों को गहराई से झकझोर दिया और सभी महिला कर्मचारियों को न केवल बड़े सपने देखने बल्कि दृढ़ संकल्प और साहस के साथ उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित किया. इस उत्सव में आरएसबी के कर्मचारियों द्वारा मंत्रमुग्ध कर देने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं. रचनात्मक कहानी कहने (क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग), संगीत और नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने मंच पर जीवंत रंग बिखेर दिए, जिसने इस आंदोलन की भावना को बखूबी प्रदर्शित किया. इस अवसर पर गर्व व्यक्त करते हुए आरएसबी ग्रुप के वाइस चेयरमैन एसके बेहरा ने कहा कि आरएसबी में हमारा दर्शन बहुत सरल है: प्रतिभा और उत्कृष्टता का कोई जेंडर (लिंग) नहीं होता. हमारा दृष्टिकोण पूरी तरह से जेंडर-न्यूट्रल है, जो केवल योग्यता और क्षमता पर केंद्रित है. हालांकि, क्षमता को पूरी तरह निखरने के लिए सही वातावरण का होना जरूरी है. हम एक सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी कार्यस्थल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, जहां हमारी महिला सहकर्मी खुद को सशक्त महसूस कर सकें, बाधाओं को तोड़ सकें और आत्मविश्वास के साथ अपनी सर्वोच्च आकांक्षाओं की ओर बढ़ सकें. (नीचे भी पढ़ें)
चार साल पहले निर्मला बेहरा के नेतृत्व में शुरू हुई ‘एक पहल’ आज एक आंतरिक पहल से बदलकर एक बड़े और परिवर्तनकारी आंदोलन का रूप ले चुकी है. स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, सुरक्षा, शिक्षण एवं विकास, और सामुदायिक सेवा के चार मुख्य स्तंभों के माध्यम से यह इकोसिस्टम संगठन के भीतर और व्यापक समाज दोनों में समग्र विकास को गति दे रहा है. इस पहल के विकास और इस वर्ष के विषय पर विचार साझा करते हुए आरएसबी ग्रुप की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर निर्मला बेहरा ने कहा कि इस साल की हमारी थीम ‘एक पहल – सपनों से आगे’ एक सशक्त अहसास है कि सपने केवल शुरुआत होते हैं. वास्तविक सशक्तिकरण तब शुरू होता है जब हम सिर्फ समानता की इच्छा रखने से आगे बढ़कर उन सपनों को अपने हाथों से सच करने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं. मुझे अपनी टीमों पर बेहद गर्व है, हमारे चार स्तंभों के तहत किया गया कार्य अब केवल डैशबोर्ड पर दिखाई नहीं देता, बल्कि हमारी महिला सहकर्मियों के दैनिक आत्मविश्वास, लचीलेपन और प्रगति में साफ झलकता है.
कार्यक्रम का समापन भविष्य के सकारात्मक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने और पिछले वर्ष के उत्कृष्ट योगदानों को सम्मानित करने के साथ हुआ. ‘सामुदायिक सेवा स्तंभ’ के लीडर्स को गहरे सामाजिक प्रभाव वाले प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व करने के लिए शीर्ष सम्मान से नवाजा गया, जबकि ‘स्वास्थ्य एवं स्वच्छता स्तंभ’ की लीडर को असाधारण परिचालन मानक स्थापित करने के लिए रनर-अप के रूप में मान्यता दी गई. ‘एक पहल’ वार्षिक उत्सव के इस चौथे संस्करण के साथ, आरएसबी ग्रुप ने एक उद्देश्य-संचालित कॉर्पोरेट संस्कृति के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है, जहां व्यक्तिगत सपनों को सामूहिक उपलब्धियों में बदला जाता है, जो पूरे विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) उद्योग के लिए एक मिसाल है.







