
बहरागोड़ा : नेपाल के बागमती के सिंदूपाल ज़िले में एलएनटी के काम में ठेकेदार के माध्यम से 26 मजदूर काम करने गए थे. पैसे के अभाव और लॉकडाउन होने के कारण सभी मजदूर वही फंस गये हैं. झारखंड लौटने का नहीं हो पा रहा था उपाय. सभी मजदूर घर वापसी के लिए कल से सोशल मीडिया पर गुहार लगा रहे है. मजदूरों की समस्या से पूर्व विधायक सह भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने पहल की. उनकी पहल पर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने मामले को संज्ञान में लिया. भारतीय दूतावास ने कुणाल षाड़गी को ट्विटर पर सूचना दी कि मज़दूरों को झारखंड वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मज़दूरों द्वारा सोशल मीडिया पर भेजे गए वीडियो को कुणाल षाडंगी ने ट्विट कर विदेश मंत्री एस जयशंकर और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से मदद मांगी थी. कुणाल की ट्विट पर जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के सांसद राजेंद्र महतो, विधायक मनीष सुमन और हज़ारीबाग़ के सांसद जयंत सिंन्हा ने भी सहयोग किया. जेएसपी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा मज़दूरों से सम्पर्क स्थापित किया. कुणाल ने भारतीय दूतावास के उच्च पदाधिकारी दिवाकर शर्मा से संपर्क साधा और सिंदूपाल से वीरगंज तक के यात्रा पास बनवाने की प्रक्रिया शुरू करवाई. मज़दूरों को भारत बॉर्डर तक पहुंचाने की व्यवस्था की ज़िम्मेदारी उनको वहां लेकर गए ठेकेदार विशाल कुमार ने ली. सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है और कल उन्हें रक्सौल या विराटनगर की भारतीय सीमा तक भेजा जाएगा. जहां से उन्हें झारखंड भेजा जाएगा. मजदूरों ने घर वापसी होने पर पूर्व विधायक कुणाल षाड़गी के प्रति आभार व्यक्त किया है.





