जमशेदपुर : शुक्रवार को बरसा सेना का प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त से मिलकर छोटा बांकी के पंचायत सदस्य की शिकायत की है. शिकायत पत्र में कहा गया है कि भरत राम लोहरा ने पलाशबानी पंचायत से अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षित सीट पर पंचायत समिति सदस्य (पंचायत समिति सदस्य) पद पर निर्वाचन जीता और वर्तमान में उक्त पद पर आसीन हैं. भरत राम लोहरा इस क्षेत्र के मूल खतियानधारी नहीं हैं. उनके पिता को केवल सरकारी भूमि का बंदोबस्त प्राप्त हुआ था. उन्होंने पंचायत निर्वाचन के दौरान जो जाति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था, वह अंचल अधिकारी मानगो द्वारा निर्गत किया गया था. उक्त प्रमाण-पत्र निर्गत करते समय उन्होंने केवल बंदोबस्ती भूमि का परवाना को आधार बनाया गया, जबकि झारखण्ड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के पत्र संख्या 1754 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि अनुसूचित जनजाति का आरक्षण लाभ प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को 06.09.1950 से पूर्व स्थायी रूप से उस क्षेत्र का निवासी होना चाहिए अथवा 1964 के खतियान को आधार मानकर ही प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
भरत राम लोहरा के पिता स्व. हुरदा लोहरा तथा उनके दादाजी बुद्धदेव लोहरा उर्फ बुधू कमार इस क्षेत्र के मूल निवासी नहीं हैं. उनके दादाजी मूल रूप से जिला पश्चिम सिंहभूम, अंचल मंझारी, गांव पिल्का के स्थायी निवासी है, जहां उनका खतियान है और जाति कमार अंकित है, जो इबीसी-1 श्रेणी के अंतर्गत आती है. भरत राम लोहरा मूल रूप से कमार जाति से सम्बन्ध रखते हैं, इसके अतिरिक्त, भरत राम लोहरा क्षेत्र में दारू माफिया के रूप में कुख्यात हैं. इसलिए उसे समिति सदस्य पद से हटाया जाय एवं उसके विरुद्ध उचित धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की जाए तथा कानूनी कार्रवाई की जाने की मांग की है.



