गालूडीह: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति ठीक ठाक नहीं है.इन केंद्रों में चिकित्सक जाना नहीं चाहते है. उलदा पंचायत के पुतरु स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं बैठते, स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक की कुर्सी खाली मिलती हैं. इससे मरीज भटकने को मजबूर हैं. यहां पिछले डेढ़ महीने से चिकित्सक नहीं बैठ रहे. मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से निजी क्लीनिक और जिला अस्पताल जाने का ही विकल्प रहता है. बरसात के मौसम में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारी की बात की जाए, तो पिछले कुछ वर्षों में डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप रहा है.(नीचे भी पढ़े)
ऐसे में ग्रामीणों को डॉक्टरों की कमी खलती है. लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. आंगनबाड़ी की सेविका दीपाली सिंह ने बताया कि केंद्र में एएनएम सीखा सामंत रहती है. लेकिन पिछले डेढ़ महीने से डॉक्टर नहीं बैठ रहे हैं. यहां कौन पदस्थापित है और उनका नाम क्या है नहीं पता. मालूम हो कि पुतरु में स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी वर्षो से एक ही जर्जर भवन में संचालित किया जाता है.स्वास्थ्य केंद्र में मरीज भी आते हैं और नन्हे मुन्ने बच्चे भी आते है. इससे बच्चों को बीमारियों के चपेट में आने का खतरा बना रहता है.



