चाकुलिया: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने चाकुलिया प्रखंड की सरडीहा पंचायत के रुपुषकुण्डी गांव में वन विभाग द्वारा निर्माणाधीन अबुआ आवासों की दीवारें तोड़ने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दिए हैं. इस जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि वन विभाग की कार्रवाई वैध थी या नहीं और लाभुक महिलाओं के आरोपों की जांच की जाएगी. लाभुक महिलाओं का आरोप है कि वे 50 वर्षों से उस जमीन पर निवास कर रही हैं और बिना किसी पूर्व सूचना के वन विभाग ने उनकी दीवारें तोड़ दीं. यह मामला न केवल वन विभाग की कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी देखना होगा कि क्या लाभुक महिलाओं को न्याय मिलेगा और उनके अधिकारों की रक्षा की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त के इस कदम की सराहना करते हुए, ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और लाभुक महिलाओं को न्याय मिलेगा. इस मामले में बीडीओ चाकुलिया को जांच कर उपायुक्त कार्यालय में जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है. अब देखना यह है कि जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है और लाभुक महिलाओं को न्याय मिलता है या नहीं. ज्ञात हो कि इस मामले को लेकर स्थानीय समाजसेवी चिन्मय नायक ने उपायुक्त को ट्वीट कर जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है.




