गालूडीह: चैत्र नवरात्रि के अवसर पर हर जगह मां की जय-जयकार सुनायी दे रही है. मंदिरों से लेकर घरों तक मां की ज्योति प्रज्वलित की जा रही है. लोग व्रत, तप, ध्यान और मां के विभिन्न स्वरूपों की उपासना कर रहे हैं. गालूडीह स्थित प्राचीन रंकणी मंदिर में नवरात्रि के सातवें दिन शुक्रवार को प्राचीन रंकणी मंदिर के संस्थापक सह मुख्य पुजारी विनय दास बाबाजी की देखरेख में मां के कालरात्रि स्वरूप की पूजा अर्चना की गयी.(नीचे भी पढ़े)
महिलाओं ने मां को पुष्प से पुष्पांजलि अर्पित की. मां को भोग लगाया गया. पुजारी ने बताया कि कालरात्रि को गुड़ बहुत प्रिय है. मान्यता है कि नवरात्रि के सातवें दिन की पूजा में मां को गुड़ या उससे बनी मिठाइयों का भोग लगाने से वह अत्यंत प्रसन्न होती हैं. शनिवार को प्राचीन रंकणी मंदिर में महाष्टमी के दिन मां बासंती की पूजा होगी. रविवार को कन्या पूजा और भंडार का आयोजन किया जायेगा. जिसमें हजारों लोगों के बीच महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी, चटनी और खीर वितरण किया जायेगा.



