चाकुलिया: झारखंड राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा कुड़मी नेता चंदन महतो ने राज्य के सभी राजनीतिक दलों से कुड़मी समाज को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण और राज्य आंदोलन के लंबे संघर्ष में कुड़मी समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है. राज्य गठन की लड़ाई में समाज के हजारों लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपने अधिकार और पहचान के लिए संघर्ष किया. इसके बावजूद आज तक किसी भी राजनीतिक दल द्वारा कुड़मी समाज को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर नहीं दिया जाना गंभीर चिंता का विषय है. चंदन महतो ने कहा कि झारखंड में कुड़मी समाज सामाजिक, और राजनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण समुदाय है. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में समाज की व्यापक उपस्थिति और योगदान के बावजूद राज्यसभा जैसे सर्वोच्च सदन में उसकी भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो सकी है. (नीचे भी पढ़े)
यह स्थिति समाज की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक उपेक्षा को दर्शाती है. उन्होंने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार कुड़मी समाज की बेटी ममता मोहंता को राज्यसभा सदस्य के रूप में अवसर देकर समाज को सम्मानित करने का कार्य किया. इस निर्णय से न केवल कुड़मी समाज का मनोबल बढ़ा, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में समाज की भागीदारी भी मजबूत हुई.कहा कि वर्तमान राज्यसभा चुनाव झारखंड के राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है. यदि कोई दल कुड़मी समाज के किसी योग्य, शिक्षित और जनहित के प्रति समर्पित प्रतिनिधि को राज्यसभा भेजते हैं, तो यह सामाजिक न्याय, समावेशी राजनीति और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता तभी संभव है जब समाज के सभी वर्गों और समुदायों को उनकी जनसंख्या, योगदान और सामाजिक भूमिका के अनुरूप सम्मानजनक भागीदारी मिले. झारखंड के राजनीतिक दलों को संकीर्ण राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर सामाजिक संतुलन और व्यापक प्रतिनिधित्व की भावना के साथ निर्णय लेना चाहिए. श्री महतो ने विश्वास व्यक्त किया कि इस बार राज्यसभा चुनाव में राजनीतिक दल कुड़मी समाज की भावनाओं, अपेक्षाओं और योगदान का सम्मान करेंगे और समाज को पहली बार राज्यसभा में प्रतिनिधित्व प्रदान करने की दिशा में सार्थक पहल करेंगे.







