गालूडीह: घाटशिला प्रखंड में जेएसएलपीएस पर शौचालय निर्माण को लेकर 65 लाख 76 हजार रुपये घोटाले का आरोप लगा है. इस बात का खुलासा तब हुआ जब पूर्वी सिंहभूम के सर्टिफिकेट ऑफिसर दिलीप मंडल के न्यायालय ने काशीदा पंचायत अन्तर्गत कालापाथर आजीविका महिला ग्राम संगठन के अध्यक्ष रीता घोष और सचिव अनुभा काऊड़ी को शौचालय निर्माण को लेकर 65 लाख 76 हजार रुपये जमा करने का नोटिस थमाया. नोटिस मिलते ही अध्यक्ष और सचिव के पैरों तले जमीन खिसक गयी. इससे परेशान अध्यक्ष और सचिव ने जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू को ज्ञापन सौंप कर न्याय की गुहार लगायी है. ज्ञापन में कहा कि कालापथर आजीविका महिला ग्राम संगठन को शौचालय निर्माण हेतु सात करोड़ रुपये उपलब्ध कराया गया था. (नीचे भी पढ़े)
तत्कालीन बीपीएम विजय वर्मा, पीआरपी रेखा देवी एवं वेंडरों के माध्यम से शौचालय का निर्माण कार्य कराया गया. बीपीएम विजय वर्मा तथा पीआरपी रेखा देवी द्वारा दबाव बना कर ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराया जाता था. उस चेक के माध्यम से ग्राम संगठन के खाते से रुपये की निकासी की जाती थी. बार बार आग्रह के बावजूद 65 लाख 76 हजार रुपये का हिसाब नहीं दिया गया. अब विभाग द्वारा रकम वापसी का दबाव बनाया गया है. वापसी नहीं करने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का डर सता रहा है. महिला ग्राम संगठन के अध्यक्ष रीता घोष और सचिव अनुभा काऊड़ी ने कहा कि इस मामले में वे निर्दोष है. उन्हें बेवजह फंसाया गया है. (नीचे भी पढ़े)
आरोप लगाया कि जेएसएलपीएस के अधिकारियों की मिलीभगत से पैसों की हेराफेरी की गयी है. ज़िला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू ने कहा कि मामला गंभीर है. पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करायी जाएगी. इसके तार बहुत ऊपर तक जुड़े हो सकते है. घाटशिला प्रखंड में शौचालय निर्माण में घोटाले की आशंका है. दोषियों को बख्शा नही जाएगा. पहले से ही जेएसएलपीएस के अधिकारियों की कार्यशैली पर उंगली उठती रही है. गांव की सीधी सादी महिलाओं को सपना दिखाकर फंसाया जा रहा है.



