बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड अतंर्गत विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों में सोमवार को स्नान पूर्णिमा मनाया गया. ओडिशा के जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर बहरागोड़ा के पानीपड़ा, बेंदा, दुबराजपुर, पाटपुर, पांचरूलिया, बेला, महुली, मानुषमुड़िया, साकरा, कांठुलिया, खामार, कुमारडुबी, लाऊडोंका, जयपुरा में स्थित प्रभु जगन्नाथ मंदिर में महा स्नान के साथ संपूर्ण हुआ. इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्री मंदिर में स्नान करते हैं. जहां पंडितों द्वारा 108 कलश पानी में स्नान किए थे जिस लिए इसे देव स्नान पूर्णिमा कहा जाता है. स्नान के बाद भगवान बीमार हो जाते हैं और 15 दिन तक किसी को दर्शन नहीं देते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
16वें दिन नवयौवन श्रंगार के साथ दर्शन देते हैं. उसके अगले दिन रथयात्रा पर निकलते हैं. गुंडिचा मंदिर अपनी मौसी के यहां जाते हैं. परंपरा के मुताबिक देवस्नान के बाद भगवान जगन्नाथ को बुखार आ जाता है, इसलिए वो 30 जून से 14 जुलाई तक किसी को दर्शन नहीं देंगे. 15 जुलाई को नव यौवन दर्शन होंगे. इस दिन रथयात्रा के लिए भगवान से आज्ञा ली जाएगी. 16 जुलाई को रथयात्रा शुरू होगी एवं गुंडिचा मंदिर यानी मौसी बाड़ी रथ यात्रा पहुंचेगी. देव स्नान कार्यक्रम पुजारी अनील दुबे, अपूर्व नायक ने विधिवत पूजा अर्चना कर मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया.







