गालूडीह : गालूडीह और आसपास क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश सब्जी उत्पादक किसानों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है. लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब राहत मिली है. बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती को काफी फायदा पहुंच रहा है. किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है और वे इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
गालूडीह के बड़ाखुर्शी, उलदा तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बड़े पैमाने पर लौकी, करेला, भिंडी, कद्दू, खीरा, बैंगन, टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों की खेती करते हैं. समय पर हुई बारिश ने इन फसलों को नई ऊर्जा दी है. खेतों में लगी सब्जियों की बेलें तेजी से बढ़ रही हैं और पौधों का विकास भी बेहतर हो रहा है. किसानों ने बताया कि बारिश होने से सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च बच गया है. पहले उन्हें डीजल पंप और मोटर के माध्यम से सिंचाई करनी पड़ती थी, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी. अब प्राकृतिक रूप से खेतों को पर्याप्त पानी मिलने से लागत में कमी आई है और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
सब्जियों के लिए हल्की व मध्यम बारिश लाभदायक: डॉ सीमा सिंह
कृषि विज्ञान केंद्र दारिसाई के वरीय सह प्रधान डॉ सीमा सिंह ने बताया कि सब्जी फसलों के लिए समय-समय पर होने वाली हल्की व मध्यम बारिश लाभदायक होती है. इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है, पौधों को आवश्यक पोषक तत्व आसानी से मिलते हैं और फसल की वृद्धि बेहतर होती है. उन्होंने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है ताकि अधिक वर्षा की स्थिति में फसलों को नुकसान से बचाया जा सके.







