गालूडीह: घाटशिला प्रखंड अंतर्गत गालूडीह थाना क्षेत्र के उलदा में राष्ट्रीय उच्च पथ-33 के किनारे निर्मित माता वैष्णो देवी के मंदिर में स्थापना दिवस पर सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शनिवार को शुरू हुआ. मंदिर परिसर में राम द्वारा शिव पूजन, नागेश्वर, विश्वेश्वर, भोलेनाथ की सेवा, माता द्वारा धनुष धारण, ध्यान मग्न, भोलेनाथ को मनाना, माला बदल, विवाह अनुष्ठान, बिगुल बजाना, हर हर महादेव, शिव संग दुर्गा, शिव दुर्गा, नटराज, खेलते हुए गणेश, गंगा को लाना, बुद्धेश्वर, आशीर्वाद मुद्रा, स्तनपान करना, विषपान, धनु धारण, किराट रूप, शिव का विराट रूप, सती का देहत्याग, मां दुर्गा आदि मूर्ति लगाए गए हैं. इस अवसर पर महुलिया चौक से करीब तीन हजार महिलाओं ने गाजे बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली, जो एनएच-18 से गुजरते हुए मंदिर परिसर पहुंचकर समाप्त हुई.(नीचे भी पढ़े)

इस दौरान एनएच 33 पर लंबी कतार लगी थी. यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया. कलश यात्रा में स्वामी हिदयानंद गिरी और भगवान शिव व पार्वती का रूप धारण कर सोनारी जमशेदपुर के कलाकार अलोक गोप और गौरी कर्माकर आगे-आगे चल रहे थे. फिर कलश स्थापना के बाद धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए. वहीं, विधि विधान से मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव को रुद्राभिषेक किया गया.(नीचे भी पढ़े)
पूजा के लिए जम्मू से स्वामी ह्दयानंद गिरी, गुजरात द्वारिका से पांच तथा नेपाल से दो पुरोहित पहुंचे हैं. साथ ही मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य राहुल शास्त्री, नरोत्तम जी पूजा में शामिल थे.पुरोहितों ने रुद्र पाठ के मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का ऊं नम: शिवाय, हर-हर महादेव के जयकारों के साथ अभिषेक किया. रुद्राभिषेक राजकिशोर साहू, किरण साहू, शैलेंद्र मिश्रा आदि उपस्थित थे. वहीं, शाम को पांच से आठ बजे तक शिव पुराण कथा आयोजित होगी. कथा का लाइव प्रसारण सुभारती चैनल पर देखा जा सकता है.



