चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड की जामुआ पंचायत के माचाडीहा गांव में गर्मी के दस्तक मात्र से ही पेयजल संकट गहराने लगा है. जल एवं स्वच्छता विभाग की लापरवाही से सोलर आधारित कई जलापूर्ति योजनाएं ठप है. इनकी मरम्मत के लिए विभाग द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है. जिससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है. विभागीय पदाधिकारी के लापरवाही के कारण ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
गांव के मुंडा टोला में जल एवं स्वच्छता विभाग के तहत वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री जन जल योजना के तहत स्थापित सोलर जलापूर्ति योजना विगत 1 वर्ष से खराब है इससे टोला के ग्रामीण पेयजल के लिए परेशानी उठा रहे हैं. उन्हें दूसरे टोला में जाकर पीने के लिए पानी लाना पड़ रहा है. योजना की मरम्मत के विषय में जल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है. टोला के करीब 45 परिवार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी में उन्हें पेयजल के लिए उन्हें तरस जाना पड़ेगा. मचाडीहा में मुख्य सड़क के किनारे पंचायत स्तर से संबंधित सोलर जलापूर्ति योजना भी विगत कई महीनों से ठप पड़ी है. जल मीनार जंगली झाड़ियों से घीर गई है. पंचायत अस्तर से इसकी मरम्मत नहीं हो रही है. सड़क के किनारे ही जल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा स्थापित एक अन्य जलापूर्ति योजना से भी अपेक्षाकृत कम पानी निकल रहा है, इसके कारण ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीण अपने अस्तर से सोलर की साफ सफाई करने में जुटे हैं. ग्रामीणों का मानना है कि सोलर पर धुल की परत जम गई है इस कारण पानी कम निकल रहा है. फिलहाल इस गांव में खराब जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत नहीं हुई तो भीषण गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ेगा.



