गालूडीह: घाटशिला प्रखंड के गालूडीह थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. लेकिन प्रशासनिक पदाधिकारी मौन साधे हुए है. अब तो बड़बिल गांव के धर्मस्थल रंकणी डुंगरी की जमीन पर भी माफिया नजर गड़ाए हुए है. जोड़िसा पंचायत के बड़बिल गांव में मां रंकणी डुंगरी के नीचे की जमीन पर स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट फुलपाल के देवी मठ द्वारा स्कूल निर्माण के लिए वन विभाग के अनुमति से पेड़ काटा जा रहा, ताकि गांव के बच्चों को शिक्षा मिल सके. उक्त जमीन पर अचानक जेसीबी से समतलीकरण की जानकारी पर बड़बिल के ग्रामीण पहुंचे, साथ ही जेसीबी समेत चालक को खदेड़ा. काफी देर तक स्थल पर ग्रामीणो द्वारा धर्मस्थल की जमीन बिक्री करने के आशंका को लेकर हंगामा किया.(नीचे भी पढ़े)
जेसीबी से जमीन समतलीकरण करवा रहे राजा सार स्थल पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने जमीन में जेसीबी चलाने का कारण पूछा. इस पर राजा सार ने कहा जमशेदपुर ट्रस्ट के सदस्य देवाशीष गुप्ता के कहने पर जमीन समतलीकरण कर रहे. कुछ कागजात भी दिखाया, पर ग्रामीणों ने कहा कि जमशेदपुर के जो भी लोग ट्रस्ट में है, वह स्थल में आकर ग्रामीणो से वार्ता करें. वार्ता के लिए 3 बजे का समय दिया गया, पर कोई भी स्थल पर नहीं पहुंचे. विरोध करने वाले विकास भक्त, हिमांशु भक्त, अश्वनी पाल, स्वामी सुतपानंद, सुधानग्शु भक्त, समेत काफी संख्या ग्रामीण उपस्थित थे.(नीचे भी पढ़े)
ट्रस्ट की जमीन को बेचने नही देंगे- ग्रामीण
जोड़िसा पंचायत के बड़बिल गांव स्थित मां रंकणी डुंगरी के नीचे की जमीन पर जेसीबी से समतलीकरण को लेकर ग्रामीणों विरोध करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट की जमीन पर कोई भी ट्रस्ट क्षेत्र के विकास में कार्य करें. स्कूल, कॉलेज, अस्पताल निर्माण करें, ग्रामीण सहयोग करेगें. परंतु किसी को ट्रस्ट की जमीन को बेचने नहीं देंगे. जमीन संबंधित कागजात की मांग पर हम लोग ट्रस्ट के सचिव स्वामी सुतपानंद को बुलाया. सुतपानंद कागजात लेकर पहुंचे, पर जमशेदपुर में बैठे ट्रस्ट के सदस्य स्थल पर नहीं आए. कुछ स्थानीय लोगों को क्यों भेजा. 40-50 वर्ष से हम लोग स्वर्गीय प्रोब्राजीका श्रद्धामय को सभी तरह के धार्मिक अनुष्ठान करते देख रहे. (नीचे भी पढ़े)
वर्त्तमान में स्वामी सुतपानंद को देख रहे. कभी भी देवाशीष गुप्ता या कोई और को नहीं देखा, वार्ता के लिए भी बुलाया गया, पर नहीं पहुंचा. हम लोग सुतपानंद जी को बुलाए, वह आये, पर देवाशीष गुप्ता नहीं पहुंचे. जो लोग ट्रस्ट में नहीं है वैसे लोगो को भेज दिया. धार्मिक स्थल के जमीन को खरीद-बिक्री को लेकर कुछ लोग ग्रामीणो को केस में फंसाने का धमकी दे रहा है. हम ग्रामीण डरने वाले नहीं है, चाहे कुछ भी हो ट्रस्ट के धार्मिक स्थल की जमीन बेचने नही देंगे, विरोध जारी रहेगा.




