
चाकुलिया : चाकुलिया और आस पास के लोगों का वर्षो पुराना सपना आज भी अधूरा है. यहां के ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए पूर्ण रूप से पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम और ओड़िसा पर निर्भर है. चाकुलिया के ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए सीएचसी पर आश्रित है. सीएचसी में समुचित व्यवस्था नही होने के कारण बेहतर इलाज के लिए बंगाल के झाड़ग्राम, ओड़िसा और जमशेदपुर की ओर रुख करना पड़ता है. ग्रामीण वर्षो से यहां एक नर्सिंग होम की मांग करते आ रहे हैं ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके. ग्रामीणों की मांग पर विगत वर्ष राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास काफी तामझाम के साथ आनंदलोक अस्पताल का उदघाटन किया था. उदघाटन के पश्चात कुछ दिनों तक संस्था द्वारा अस्पताल में लोगों का उपचार किया गया.
आनंदलोक अस्पताल के खुलने से चाकुलिया के ग्रामीणों के बीच उम्मीद की किरण जगी कि अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए उन्हें बाहर नही जाना पड़ेगा, परंतु कुछ दिनों के बाद आनंदलोक अस्पताल बंद हो गया. ग्रामीणों ने अस्पताल को चालू कराने की मांग को लेकर बहरागोड़ा के विधायक समीर महंती से मिलकर पुन: चालू कराने की मांग की. ग्रामीणों की मांग पर विधायक ने पहल करते हुए झाड़ग्राम की एक संस्था से मिलकर दोबारा आनंदलोक अस्पताल को चालू करवाया. दोबारा अस्पताल चालू होने से लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. अस्पताल कुछ दिनों तक संचालन हुआ फिर बंद हो गया. अस्पताल बंद होने से चाकुलिया वासियों की उम्मीदों पर और आनंदलोक अस्पताल पर पुन: ग्रहण लग गया. लोगों के मन में यह प्रश्न है कि क्या कभी यहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिलेगा, क्या आनंदलोक अस्पताल का संचालन होगा यह सवाल लोगों के बीच है.











