जमशेदपुर : युवा लेखकों की रचनात्मक प्रतिभा, अभिव्यक्ति और साहित्य के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित करने की दिशा में साहित्यसिंधिका लगातार नई पहल कर रहा है. इससे पहले साहित्यसिंधिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘कलम का कारवां’ में विभिन्न लेखकों ने अपने लेखन सफर और संघर्षों से जुड़े अनुभवों को साझा किया था. इस कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायी मंच का कार्य किया और यह संदेश दिया कि साहित्य केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि अपने अनुभवों, विचारों और संघर्षों को समाज तक पहुंचाने का सशक्त जरिया भी है. (नीचे भी पढ़ें)
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अब युवा लेखकों और साहित्यप्रेमियों के लिए एक नई साहित्यिक पहल ‘शब्द एक, एहसास अनेक’ की शुरुआत की गई है. इसका उद्देश्य युवाओं के लेखन में मौजूद रचनात्मक भाव, कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति की गहराई को पहचानना तथा उसे एक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाना है. इस पहल की घोषणा आज सोशल मीडिया के माध्यम से की गई. इसके तहत हर बार एक शब्द दिया जाएगा. इस क्रम में आज का शब्द ‘आजादी’ रखा गया. प्रतिभागी अपनी सृजनशीलता के आधार पर ‘आजादी’ को अपने नजरिए से व्यक्त कर सकते हैं. इसके लिए मौलिक कविता, लघुकथा अथवा साहित्यिक गद्य-रचना भेजी जा सकती है. प्राप्त रचनाओं में से चयनित उत्कृष्ट रचना को साहित्यसिंधिका की आगामी सोशल मीडिया पोस्ट में प्रकाशित किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
साहित्यसिंधिका की सह-संस्थापक अंजना सिंह ने कहा कि आज सोशल मीडिया पर कंटेंट की भरमार है. ऐसे समय में युवाओं को सार्थक लेखन और साहित्य से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना एक महत्वपूर्ण प्रयास है. उन्होंने बताया कि साहित्यसिंधिका आगे साहित्यप्रेमियों के लिए कई गतिविधियों और कार्यक्रमों की शुरुआत करने जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
कैसे भेजें रचना?
प्रतिभागी अपनी मौलिक रचना के साथ अपना नाम, आयु, पता, मोबाइल नंबर और एक तस्वीर sahityasindhika@gmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं. नकल की गई अथवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित रचनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी.







