
जमशेदपुर : कल रक्षा बंधन का त्यौहार है. बहने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उससे अपनी रक्षा का वचन लेंगी. मगर आज आपको एक एसी बहन से मिलाते हैं जो पिछले 20 वर्षो से पेड़- पौधों को राखी बांधकर उसकी रक्षा कर रहीं हैं. उस बहन का नाम पद्मश्री जमुना टुडू है. जमुना ने 1997 से जंगलों को बचाने का बीड़ा उठाया था आज उनके इस प्रयास से न केवल जंगल बच रहे हैं बल्कि लोगों में जागरूकता भी आई है. (नीचे देखे पूरी खबर)

पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर चाकुलिया प्रखंड के छोटे से गांव से निकलकर जमुना टुडू ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना कीर्तिमान स्थापित किया है. जमुना टुडू के लिए पेड़ पौधे ही उसके भाई हैं. उन्होंने जंगल को बचाने के लिए कई महिला समितियां बनाई है हर साल रक्षाबंधन के मौके पर जंगल के पेड़ों को राखी बांधकर अपनी रक्षा का संकल्प पेड़ पौधों को दिलाती है. उनके साथ काम कर रही सैकड़ो महिलाएं भी इस दिन को बेहद खास बनाती है. उनका मानना है कि केवल गांव की ही नहीं बल्कि शहर की महिलाओं को भी आगे आना चाहिए और पेड़ों को राखी बांधकर उन्हें बचाने का संकल्प लेना चाहिए. क्योंकि पेड़- पौधे बचेंगे तभी मानवता और सृष्टि बचेगी.





