जमशेदपुर : आदिवासी सेंगेल अभियान ने संगठन के मुखिया सालखन मुर्मू के विरुद्ध जैन संगठन के अध्यक्ष की बयानबाजी, उनका पुतला दहन किये जाने एवं श्री मुर्मू की गिरफ्तारी की मांग का विरोध करने का निर्णय लिया है. जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन द्वारा सालखन मुर्मू की गिरफ्तारी की मांग किये जाने को लेकर सेंगेल अभियान की ऑनलाइन हुई एक बैठक में लिये गये निर्णय के अनुरूप सेंगेल अभियान की ओर से पांच राज्यों के जिला मुख्यालयों पर विश्व जैन संगठन का पुतला दहन किया जा रहा है.(नीचे भी पढ़ें)

बैठक में जैन संगठन के खिलाफ एससी/एसटी एट्रोसिटीज एक्ट 1989 के तहत मामला दर्ज कराने का भी निर्णय लिया गया है. इसके अलावा संगठन ने पारसनाथ पहाड़ पर जैनियों के कब्जे में सीएनटी/एसपीटी एक्ट के साथ ही वन एवं अन्य भूमि संरक्षण कानूनों के उल्लंघन की जांच की मांग भी की जायेगी. सालखन मुर्मू ने कहा कि मरांग बुरू पर आदिवासियों का पहला अधिकार है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने केंद्र एवं झारखंड की सरकारों के साथ ही राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से इस संबंध में बहुपक्षीय वार्ता शुरू करने एवं जरूरी होने पर इसको लेकर राष्ट्रीय आयोग का गठन कराने की मांग भी की, ताकि इस मामले में जल्द से जल्द न्याय संगत निर्णय लिया जा सके. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर सेंगेल का मरांग बुरू को जैनियों को सौंपने के हेमंत सोरेन सरकार के फैसले का विरोध जारी रखने की चेतावनी भी दी गयी. उन्होंने पारसनाथ यानी मरांगबुरू को अविलंभ आदिवासियों को सौंपे जाने की मांग दोहराते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर उन्हें उग्र एवं आक्रामक तरीके अपनाने को मजबूर होना पड़ेगा.




