जमशेदपुर : जमशेदपुर के इस्कॉन कदमा में भगवान भगवान श्री श्री जगन्नाथ महाप्रभु , भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा के पावन स्नान पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्य, दिव्य एवं भक्तिमय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान के महाअभिषेक, हरिनाम संकीर्तन एवं आध्यात्मिक प्रवचन का लाभ प्राप्त किया। पूरा मंदिर परिसर “हरे कृष्ण, हरे राम” महामंत्र की गूंज से गुंजायमान रहा. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एचजी बलदेव विद्याभूषण प्रभु ने स्नान पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ की दिव्य लीलाओं का प्रारंभ है. उन्होंने कहा कि स्नान पूर्णिमा के दिन भगवान भगवान श्रीश्री जगन्नाथ महाप्रभु , भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा का पवित्र जल से महाअभिषेक किया जाता है. इसके उपरांत भगवान भक्तों के प्रेम को स्वीकार करते हुए अस्वस्थ होने की लीला करते हैं और कुछ दिनों तक एकांत विश्राम करते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

इसके पश्चात वे नवयौवन रूप में दर्शन देकर विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा के माध्यम से अपने भक्तों के बीच आते हैं. यह पर्व भगवान की असीम करुणा, वात्सल्य एवं समस्त मानवता के प्रति उनके प्रेम का प्रतीक है. अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में एचजी बलदेव विद्याभूषण प्रभु ने भगवान जगन्नाथ की अनेक रोचक एवं प्रेरणास्पद लीलाओं का वर्णन किया. उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ “जगत के नाथ” हैं और उनकी कृपा सभी पर समान रूप से बरसती है. उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने जीवन में भक्ति, सेवा, नाम-संकीर्तन एवं श्रीकृष्ण चेतना को अपनाने का संदेश दिया. महोत्सव का विशेष आकर्षण संकर्षण प्रभु एवं मायापुर कीर्तन टीम की दिव्य एवं हृदयस्पर्शी प्रस्तुति रही. उनके मधुर एवं ऊर्जावान हरिनाम संकीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया. मृदंग, करताल और मधुर कीर्तन की धुन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर घंटों तक नृत्य करते रहे। “हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे.” महामंत्र के संकीर्तन से पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा. उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु ने स्वयं को भगवान की भक्ति में पूर्णतः समर्पित अनुभव किया. (नीचे भी पढ़ें)
स्नान पूर्णिमा महोत्सव की सफल एवं भव्य पूर्णाहुति के साथ ही इस्कॉन कदमा की आयोजन समिति, स्वयंसेवक एवं भक्तगण अब आगामी रथयात्रा महोत्सव की तैयारियों में पूरे उत्साह एवं गरमजोशी के साथ जुट गए हैं. समिति द्वारा रथ निर्माण, सजावट, नगर संकीर्तन, प्रसाद वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभिन्न सेवा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि इस वर्ष की रथयात्रा नगरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक उत्सव बन सके. इस्कॉन कदमा के पदाधिकारियों ने स्नान पूर्णिमा महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवकों एवं भक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नगरवासियों से आगामी रथयात्रा महोत्सव में परिवार सहित शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दिव्य रथ के दर्शन, हरिनाम संकीर्तन एवं महाप्रसाद का लाभ लेने का आग्रह किया. “स्नान पूर्णिमा से रथयात्रा तक की यह आध्यात्मिक यात्रा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ के प्रेम, करुणा और समस्त मानवता को एक सूत्र में जोड़ने का दिव्य संदेश है.”







