
जमशेदपुर : कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण से बचाव को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के निर्णय के बाद प्रवासी मजदूर, पर्यटक, श्रद्धालु एवं छात्र- छात्राएं अपने राज्यों में लौटने लगे हैं. राजस्थान के कोटा से छात्रों को लेकर रांची के हटिया स्टेशन पहुंची ट्रेन में पूर्वी सिंहभूम जिले के भी बच्चे शामिल थे जिनका पारडीह चेकनाका (जमशेदपुर) पहुंचने पर आवश्यक चिकित्सीय जांच की गयी. छात्र-छात्राओं को रांची से जमशेदपुर लाने के लिए 10 बसों की व्यवस्था की गई थी जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए वे लाए गए. सभी बसों को रांची से रवानगी से पहले सैनिटाइज भी कराया गया था.

उपायुक्त, एसएसपी खुद करते रहे व्यवस्थाओं की निगरानी, बच्चों से मिलकर जाना उनका हाल
बच्चों के आगमन को लेकर सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्या-क्या कदम उठाए जाने हैं इसकी पुख्ता तैयारी पूर्व में ही कर ली गई थी. बच्चों के पहुंचते ही उनके स्वाब का सैंपल कलेक्शन किया गया. सभी बच्चों के नाम, पता, मोबाइल नंबर भी दर्ज किया गया है. उपायुक्त रविशंकर शुक्ला एवं एसएसपी एम तमिल वाणन ने बच्चों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना तथा होम क्वारंटाइन में रहने के बाबत आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

उपायुक्त ने कहा कि जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से होम क्वारंटाइन में रहने वाले सभी बच्चों पर निगरानी रखी जाएगी, आप सभी से अपील भी है कि अगले 28 दिनों तक स्वयं तथा अपने परिवार की सुरक्षा को देखते हुए क्वारंटाइन में रहना सुनिश्चित करें। एसएसपी द्वारा भी सभी बच्चों को होम क्वारंटाइन के नियमों के अक्षरशः अनुपालन की बात कही गयी तथा किसी भी प्रकार की समस्या आने पर जिला नियंत्रण कक्ष का फोन नम्बर 9431301355, 0657-2440111, 8987510050 (वाट्सएप) उपलब्ध कराते हुए संपर्क करने की बात कही गई. मौके पर सभी बच्चों के मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कराया गया. जिला प्रशासन द्वारा पारडीह चेकनाका पर आवश्यक कार्रवाई के पश्चात सभी बच्चों को दंडाधिकारी की निगरानी में उनके निवास स्थान तक पहुंचाया गया.







