
जमशेदपुर : अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद द्वारा जगत जननी जानकी के जन्मदिवस पर वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उक्त संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि नई दिल्ली से राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यकार डॉक्टर शेफालिका वर्मा ने कहा कि माता जानकी अर्थात सीता के समर्पण के कारण ही राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह धूमधाम से राम के जन्मोत्सव को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है उसी तरह जानकी नवमी को भी आयोजित किया जाना चाहिए तभी महिला को उनके त्याग एवं समर्पण का उचित सम्मान मिल सकेगा। संगोष्ठी में बीज वक्तव्य देते हुए साहित्य अकादमी में मैथिली के प्रतिनिधि डॉ अशोक अविचल ने जानकी की भाषा मैथिली से जोड़कर उनके महत्व पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में उद्घाटन वक्तव्य देते हुए अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संस्थापक डा.धनाकर ठाकुर ने कहा कि जानकी के अवतरण दिवस को राष्ट्रीय मैथिल महिला दिवस के रूप में आयोजित किया जाना चाहिए तथा उक्त तिथि को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर नेपाल मैथिली साहित्यकार सभा, जनकपुर धाम के सभापाल प्रेम विदेह ललन, हजारीबाग के हितनाथ झा तथा जूही झा रुद्राणी ने जानकी पर केंद्रित कविता पाठ कर मंत्रमुग्ध कर किया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन परिषद के महासचिव पंकज कुमार झा तथा संगोष्ठी का संयोजन एवं संचालन परिषद के अध्यक्ष डॉ रवीन्द्र कुमार चौधरी ने किया। वेब संगोष्ठी में अरुण कुमार झा, कमल कांत झा, आरसी ठाकुर, विधु कांत मिश्रा, डॉ भीम नाथ झा, प्रोफेसर ध्रुव ज्योति सिंह, सियाराम झा सरस, राजेश यादव, श्रीमती नूतन झा, आदित्य आनंद आदि ने सक्रिय रुप से भाग लिया।




