
जमशेदपुर : आदिवासियों के सरना धर्म को मान्यता प्रदान करते हुए जनगणना में इसे अलग कॉलम कोड प्रदान करने की लंबे समय से मांग चल रही है. इस मांग को लेकर आदिवासी सेंगेल अभियान के बैनर तले आदिवासी समुदाय के लोगों ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया. इस दौरान संगठन की ओर से उपायुक्त को भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया है. ज्ञापन में कहा गया है कि भारत में लगभग 15 करोड़ आदिवासियों को संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत जाति की मान्यता यानी आदिवासी या अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है. लेकिन अब तक अनुच्छे 25 के तहत धर्म की मान्यता ‘सरना धर्म’अबतक हासिल नहीं हो सकी है. देश भर के आदिवासियों की तरफ से आदिवासी सेंगेल अभियान ने सरना धर्म की मान्यता और जदनगणना में सरना कॉलम कोड को प्राप्त करने के लिए अनेक पत्राचार देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, झारखंड के राज्यपाल व मुख्यमंत्री से अनेक बार किया है. राष्ट्रपति कार्यालय, पीएमओ और केंद्रीय गृह मंत्रालय से उचित कार्रवाई की अनुशंसा भी हुई है. लेकिन अबतक इसका कोई परिणाम सामने नहीं आया है. ज्ञापन में निवेदन के साथ कहा गया है कि आदिवासियों को मौलिक अधिकार प्रदान करने के लिए इस निवेदन पत्र के आलोक में अविलंब सकारात्मक कार्रवाई की जाये. अन्यथा इस मांग को लेकर आदिवासी सेंगेल अभियान 31 जनवरी को राष्ट्रव्यापी रेल-रोड चक्का जाम करने को मजबूर होगा. इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष सीताराम माझी, कोल्हान जोनल कमांडर किशुन हांसदा, सोनाराम सोरेन, डॉ सोमारय सोरेन, जूनियर मुर्मू, मनोज मुर्मू, सोनोत बास्के, सामु टुडू, सुमित्रा सोरेन, संकरो माझी, सिनगो मुर्मू, सोमवाारी मुर्मू, सेलाया हांसदा, कुमारी पूनम सोरेन, कुमारी कमल जामुदा, पिंकी जामुदा समेत अन्य उपस्थित थे.




