जमशेदपुर : जमशेदपुर के नॉर्दन टाउन स्थित उत्तर प्रदेश संघ परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के दूसरे दिन स्वामी सर्वज्ञानंद जी ने आत्मदेव धुंधकारी एवं गोकर्ण की कथा सुनाई. इसके माध्यम से उन्होंने उपस्थित लोगों को अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की सीख भी दी. उन्होंने संस्कृत के श्लोक ‘ अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्धर्मो यशोबलम्।। का उद्धरण देते हुए कहा कि अगर बालक संस्कारी होगा तो माता-पिता की सेवा करेगा और नालायक बना तो जीवन भर दुख देगा. (नीचे भी पढ़ें)

स्वामी जी द्वारा सुनाई गई आत्मदेव धुंधकारी और गोकर्ण की कथा से श्रद्धालु बड़े प्रभावित दिखे. स्वामी जी ने कहा कि हमारे जीवन के लिए जैसे भोजन पानी कपड़ा घर जरूरी हैं, उससे भी अधिक जीवन को धन्य बनाने के लिए संस्कार जरूरी हैं, और संस्कार आते हैं भगवत्कथा के श्रवण एवं भगवद्भजन करने से. आज की कथा में संघ के महासचिव डॉ डीपी शुक्ल, सहसचिव शिवाशंकर मिश्रा, कोषाध्यक्ष देवेश अवस्थी, जेके तिवारी, बीएन दुबे, शिवशंकर पाल, रामकेवल मिश्रा, राजेश कुमार दीक्षित, सुभाष चन्द्र शाह, छोटेलाल गुप्ता, कालीशंकर तिवारी, गीता शुक्ला, स्निग्धा मुखर्जी, आनंदिता बिस्वास, चैताली मंडल, इन्द्राणी भौमिक के अतिरिक्त सारे स्वयंसेवक व अन्य श्रद्धालु शामिल रहे.











