जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई मे विश्व हिन्दू परिषद का स्थापना मनाया गया. कार्यक्रम में पहुंची विहिप झारखंड की दुर्गा वाहिनी संयोजिका कृति गौरव ने मुख्य वक्ता के तौर पर बताया कि विहिप का 62 वां स्थापना दिवस झारखंड के हर जिले मे कई स्थानों पर मनाया जा रहा है. विहिप का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना है. सभी हिंदू सहोदर भाई है. कोई भी हिंदू पतित नहीं है. सभी हिंदू एक है का संकल्प लिया गया. जिस प्रकार हुनमान जी को उनकी शक्ति याद दिलाना पड़ता हैं कि ऐसा कौन सा काम है जो आप कर नहीं सकते, आपका बल अतुलित है. उसी प्रकार हिंदू समाज को भी याद दिलाना पड़ता है कि संगठित समाज कठिन से कठिन कार्य को भी पूरा कर लेता है. आज हिंदुओं का धर्मांतरण हो रहा है, समाज जिनको अछूत बोलता है वो हिंदू भाई अपना धर्म छोड़ रहे है. इन सबको रोकने के लिए सामाजिक समरसता जरूरी है. (नीचे भी पढ़ें)
पहले पूरे विश्व में सनातन धर्म था पर आज धर्मांतरण के कारण सिर्फ एक देश भारत बचा है. हिंदुओं को तोड़ने के लिए देश में जातिवाद आ गया है, लोग अपने अपने जाति को याद कर आपस में बंट रहे हैं, विश्व हिंदू परिषद का काम हिंदुओं को जागृत करना है. अपने सामने हो रहे अत्याचार और धर्मांतरण को रोकना और ये तभी संभव है जब हमारा कार्य समाज के बीच में जा कर हो. जिस प्रकार प्रभु श्री राम ने अपने साथ प्रकृति के सभी प्राणियों को ले कर लंकापति रावण का विनाश किया. उसी तरह हिंदू समाज को सभी वर्गों के लोगों को ले कर चलना है तभी जाकर हिंदू और सनातन बचेगा. विहिप सिंहभूम विभाग मंत्री अरूण सिंह ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद विश्व व्यापी संगठन है. विहिप का प्रतीक विशाल बरगद का पेड़ है जिसकी शाखाएं चारों दिशाओं में फैली हुई है, विहिप और इसका कार्य भी पूरे विश्व में फैला हुआ है. “धर्मो रक्षति रक्षत:” जो धर्म की रक्षा करेगा धर्म उसकी रक्षा करेगा, भगवान श्री कृष्ण ने भी धर्म की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र उठा लिया था. (नीचे भी पढ़ें)
आजादी के बाद उस समय की वर्तमान सरकार तुष्टिकरण की राजनीति करने लगी. हिंदुओं का क्या होगा इसी उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वर्ष 1964 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुम्बई के सांदीपनि आश्रम में विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की थी. कार्यक्रम मे विहिप जमशेदपुर महानगर जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता, जिला मंत्री चंद्रिका भगत, मातृशक्ति जमशेदपुर महानगर प्रमुख एम भवानी समेत समाज के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे.




