
जमशेदपुर : जमशेदपुर के मोहरदा जलापूर्ति योजना को लेकर मंगलवार की शाम बिरसानगर छोर का राइजिंग मेन पाइपलाइन फट जाने के कारण उस क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित हो गई थी. सूचना मिलते ही विधायक सरयू राय ने टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (पहले जुस्को) पदाधिकारियों से बात की और रात में ही मरम्मत कार्य आरम्भ हो गया. फटे पाइप को बेहतर पाइप से बदल दिया गया. इस बीच एक वाल्व भी क्षतिग्रस्त हो गया. इसकी मरम्मत होने के उपरांत बुधवार की दोपहर से जलापूर्ति शुरू हो गई है. रांची से जमशेदपुर शहर पहुंचते ही विधायक सरयू राय सीधे परियोजना स्थल पहुंचे. मामले की जानकारी ली. पाइप फटने के कारण से अवगत हुए. पहले का पाइप कास्ट आयरन का था. इसे बदलने के बाद बारी-बारी से बिरसानगर के सभी जोन को पानी सप्लाई करना प्रारंभ कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि मोहरदा पेयजल परियोजना की ख़ामियां धीरे-धीरे सामने आ रही है. राइजिंग मेन पाइपलाइन का काग़ज़ की तरह फट जाना, गंभीर बात है. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस कारण बड़ा हादसा हो सकता था जो टल गया. टंकियों की सफ़ाई के लिये उनके ऊपर तक जाने के लिये नया रास्ता बनाना होगा क्योंकि ये टंकियां अत्यंत कमजोर हो गई हैं. सुरक्षा का हवाला देकर जुस्को गत बारह वर्ष से इनकी सफ़ाई का ख़तरा नहीं उठा रही थी. अब यह काम दो-चार दिनों में शुरू होगा. श्री राय ने कहा कि उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधीक्षण अभियंता से मोहरदा जलापूर्ति परियोजना के 2006 में बने मूल डीपीआर की प्रति को उपलब्ध कराने के लिये कहा है ताकि इसके साथ जुड़ी कमियों की जानकारी हो सके और इन्हें दूर करने के लिये परियोजना के फ़ेज़-2 का डीपीआर बनाया जा सके अन्यथा इस तरह कई समस्या है, जो कि धीरे धीरे सामने आती जायेंगी. राजनीतिक कारणों से हुई भूलों का सुधार इंजीनियरिंग विधा से ही हो सकता है. ग़लतियां सुधर जाने और पानी टंकियों की सफ़ाई हर वर्ष होती रहेगी तो उपभोक्ताओं से वादा कर सकते हैं कि मोहरदा परियोजना क्षेत्र में भी कंपनी क्षेत्र जैसे पेयजल दिया जा सकेगा. कुछ दिन पूर्व मोहरदा जलापूर्ति योजना के लिए बुलाए गई बैठक में उन्होंने अस्पष्ट कहा था कि नागरिकों को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति मिले इसे ध्यान में रखकर मोहरदा का डीपीआर फेज 2 तैयार होना चाहिए.













