जमशेदपुर: जमशेदपुर के जुगसलाई थाना स्थित पुरानी बस्ती तेल लाइन में रहने वाली नसरीन बानो के साथ 22 वर्षों से रह रही विधवा महिला के बेटी दामाद ने मंगलवार को मारपीट की घटना को अंजाम दिया है. इसके साथ ही विधवा महिला रहस्यमयी तरीके से जेवरात, रुपये और लॉकर की चाबी लेकर फरार हो गयी. इसकी शिकायत नसरीन बानो ने थाने में की है परंतु अब तक कार्रवाई नहीं हुई है. इस मामले में गुरुवार को पीड़िता ने बताया कि 22 वर्ष पूर्व से उनके पास उनकी आवास पर रह रही रशीदा खातून जो की विधवा एवं बहुत ही गरीब परिवार से थी. नसरीन बानो का कहना है कि 2003 से वह महिला हमारे घर आना-जाना करती थी और अपने परिवार से अलग हो चुकी थी. रशीदा खातून 2007 से कोर्ट के कागज पर लिखवाकर उनके हमेशा के लिए रहने आ गयी थी. बानो उसके घर परिवार की पूरा मेंटेनेंस का खर्च अदा कर रही थी. (नीचे भी पढ़ें)

नसरीन बानो ने शादी नहीं की थी. वह अपने घर पर अकेली ही रहती थी. रशीदा खातून के बच्चे भी थे जो अपनी मां से मिलने यहां आया करते थे, जिस पर नसरीन बानो को कोई आपत्ति नहीं हुआ करती थी. कुछ दिन पहले अचानक रशीदा खातून घर से रुपये और गहने लेकर गायब हो गयी. पूरे घर की जिम्मेवारी रशीदा पर ही थी. सभी जगह की चाबी उसके पास रहती थी. काफ़ी खोजबीन के बाद पता चला कि वह अपने घर गरीब कॉलोनी वापस चल गयी है, जब मैं वहां उसके घर यह पूछने गयी कि मेरा सामान और गोदरेज का चाबी कहां है, तो रशीदा खातून की बेटी- दामाद और रिश्तेदार ने मिलकर नसरीन बानो को डंडे लात घुसे से मारा. जुगसलाई थाना को लिखित तौर पर दे दी गयी है. अभी तक कोई कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिला है. प्रशासन से उम्मीद है कि उसके साथ इंसाफ और दोषियों को सख्त सख्त सजा मिले.



