जमशेदपुर : शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बिष्टुपुर के कला मंदिर के सभागृह में “झारखंड प्रदेश बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन” के जिला समिति के पदाधिकारियों और पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच “संगठन एवं सामाजिक दायित्व” पर चर्चा की गयी. जिसे जिला समिति के बैनर तले किया गया. इस चर्चा में ट्रेड यूनियन और ट्रेड यूनियन के सामाजिक दायित्व पर चर्चा की गई. चर्चा में जेपीबीइइए के पूर्व उप महासचिव हीरा अरकने, बैंक ऑफ बड़ौदा एम्प्लॉयज यूनियन के महासचिव कॉम अमिताभ घोष, बैंक ऑफ इंडिया (झारखंड) जिला समिति के महा सचिव कॉम दिव्यांशु गुप्ता, यूनियन बैंक इम्प्लाइज यूनियन के उपाध्यक्ष कॉम संजीव रेड्डी, डीजी एस कॉम श्रुति सरिता, बैंक ऑफ बड़ौदा एम्प्लॉयज यूनियन के अध्यक्ष कॉम प्रबल टोपनों, कॉम आरबी सहाय ने इस चर्चा में भाग लिया. (नीचे भी पढ़ें)
वक्ताओं ने चर्चा करते हुए कहा कि संगठन या यूनियन भी समाज का एक अंग है, इसलिए यूनियन समाज से अलग नही रह सकता. समाज की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए यूनियन को समाज के दबे, कुचले गरीबी रेखा के नीचे जीवन व्यतीत करने वालों का जीवन स्तर सुधारने, उन्हें जीविका के साधन बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जरूरत है. इस क्रम में ब्लड डोनेशन कैंप, हेल्थ चेक अप कैंप, सरकारी योजनाओं की जानकारी, आयुष्मान कार्ड बनाने में सहयोग करने का निर्णय लिया गया. अपनी बातें रखते हुए हीरा अरकने ने कहा कि आज की तारीख में बैंक यूनियन सिर्फ अपने अधिकारों की रक्षा तक सीमित है, बैंक में हो रहे घोटाले, बैंकों में स्टाफ की कमी, स्थाई प्रवृति के कार्यों को बैंको द्वारा आउटसोर्स करने या एजेंसी के माध्यम से करवाने का भी सशक्त विरोध किया जाना चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
अधिकतर बैंको में डेली वेजर के रूप में जो कार्य कर रहे हैं उन्हें उचित दर बैंक प्रबंधन द्वारा नही दिया जाता है, इस पर बैंक यूनियन को भी नजर रखनी चाहिये. बैंक के अंदर स्याही प्रवृति के कार्यों को आउटसोर्स किए जाने अथवा डेली वेजर द्वारा करवाए जाने का पुरजोर विरोध करना चाहिए. आवश्यकता है जो बैंक के अंदर कार्यरत डेली वेजर, आउटसोर्स कर्मियों की अलग यूनियन बनाकर उनके हक की लड़ाई लड़े. जिला के महासचिव दिव्यांशु गुप्ता ने कहा कि सिर्फ अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने से समाज का कल्याण नही होगा, अपितु हमे समाज के उत्थान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी. इस पर गंभीरता से विचार कर तुरंत कार्यक्रमों को प्रारंभ करने की आवश्यकता है. इस सभा में विभिन्न बैंको के सदस्य शामिल हुए. सभा की अध्यक्षता कॉम सांज वी रेड्डी ने की और सभी का धन्यवाद करते हुए सभा समाप्ति की घोषणा की.




