
जमशेदपुर : राज्य की राजनीति के दो दिग्गज भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह रघुवर दास और जमशेदपुर पूर्वी में रघुवर दास को उनके ही विधानसभा क्षेत्र में जाकर चुनाव लड़कर हरा देने वाले पूर्व मंत्री और झारखंड जनतंत्र मोर्चा सुप्रीमो सरयू राय के बीच की जंग शुक्रवार को और तल्ख हो गयी. सरयू राय ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखकर रघुवर दास की सरकार में स्थापना दिवस के दौरान हुए स्थापना दिवस समारोह के दौरान करोड़ों के टॉफी, बिस्कुट बांटने की जांच सीबीआई या एसीबी से कराने की मांग कर दी. आपको बता दें कि यह मामला झारखंड हाईकोर्ट में भी है और इस मामले में गुरुवार को ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र सरयू राय ने लिखा है और कहा है कि मैनहर्ट घोटाला से अधिक गंभीर है टॉफी-टी शर्ट घोटाला. श्री राय ने कहा है टॉफी, टी-शर्ट, गीत-संगीत, साज-सज्जा घोटाला बड़ा घोटाला है. इस घोटाला के सभी केंद्रीय पात्र जमशेदपुर से जुड़े हैं. यह घोटाला वर्ष 2016 और 2017 में 15 नवम्बर को हुए झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह के आयोजन में स्कूली बच्चों के बीच टॉफी-टी शर्ट बांटने और गीत-संगीत की महफिल सजाने तथा रांची शहर की साज-सज्जा से संबंधित हैं. इस घोटाला की जांच विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति कर रही है. इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में भी एक रिट याचिका पर सुनवाई चल रही है. श्री राय ने कहा है कि समय कम होने का बहाना बनाकर राज्य स्थापना दिवस समारोह, 2016 की सुबह प्रभात फेरी में शामिल होने वाले बच्चों को देने के लिए एक प्रिंटेड टी-शर्ट और टॉफी का एक पैकेट बिना निविदा निकाले मनोनयन के आधार पर खरीदा गया था. टॉफी की खरीद जमशेदपुर के सिदगोड़ा के लल्ला इंटरप्राईजेज से और टी शर्ट की खरीद जमशेदपुर के कदमा निवासी प्रकाश शर्मा के माध्यम से कुडु फैब्रिक्स, लुधियाना से दिखाई गई. प्रारम्भिक जांच में पता चला कि वर्ष 2016-17 में लल्ला इंटरप्राईजेज ने न तो एक भी टॉफी खरीदा और न ही बेचा, परंतु एक साजिश के तहत सरकार से 35 लाख रूपये का चेक ले लिया और उस पर बिक्री कर (वैट) का करीब 4 लाख रूपये का भुगतान कर दिया. वाणिज्य कर विभाग ने टॉफी की बिक्री छुपाने के लिये लल्ला इंटरप्राईजेज पर 17 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना लगा दिया है. कुडु फैब्रिक्स, लुधियाना के स्थानीय एजेंट कदमा, जमशेदपुर निवासी प्रकाश शर्मा के माध्यम से 5 करोड़ रूपये की टी शर्ट की ख़रीदी लुधियाना के कुडु फैब्रिक्स से दिखाई गई है. पर झारखंड सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने इसके लिये रोड परमिट नहीं दिया है. टी शर्ट की इतनी बड़ी खेप लुधियाना से रांची, जमशेदपुर, धनबाद सड़क मार्ग से आयी या रेल मार्ग से आयी, इसकी सूचना वाणिज्य कर विभाग को नहीं है. पर भुगतान पूरा हो गया है. अब झारखंड सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने पंजाब सरकार से इस बारे में जानकारी मांगा है. 15 नवम्बर 2016 को पूर्व निर्धारित मनोरंजन कार्यक्रमों के बीच एक घंटा के लिए फिल्मी पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान का गीत कार्यक्रम रखा गया. 9 नवम्बर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव ने सुनिधि चौहान को बुलाने का प्रस्ताव रखा जिस पर करीब 44 लाख रूपया का खर्च बताया. प्रस्ताव स्वीकृत हो गया. परंतु इस पर कुल भुगतान दिखाया गया 55 लाख रूपया से अधिक. यह भी बताया गया है कि इसके तीन दिन पहले 6 नवम्बर 2016 को छठ पर्व पर सूर्य मंदिर परिसर, जमशेदपुर में सुनिधि चौहान का गीत कार्यक्रम हुआ था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ही उस समय तथाकथित सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक थे. सरकार ने तो 15 नवम्बर के सुनिधि चौहान के एक घंटा के प्रोग्राम के लिये 55 लाख रूपया से अधिक का भुगतान किया. पर सवाल है कि सूर्य मंदिर समिति ने उन्हें कितने का भुगतान किया? या सरकार ने ही दोनों कार्यक्रमों का भुगतान कर दिया. इसके अतिरिक्त रांची शहर में एक दिन के सजावट पर बिजली विभाग ने 15 नवंबर 2016 को 4 करोड़ रूपया से अधिक खर्च दिखाया है. यह खर्च 2017 में करीब 2 करोड़ रूपया है. 2016 के कार्यक्रम में कुल खर्च करीब 9.50 करोड़ रूपया दिखाया है, जबकि यही खर्च 2017 के राज्य स्थापना दिवस पर करीब 12 करोड़ रूपया से अधिक दिखाया गया है. 2017 में प्रभात फेरी के लिये टॉफी की खरीद माँ लक्ष्मी भंडार, जुगसलाई से और टी-शर्ट की खरीद आदित्यपुर के प्रतीक फैबनिट से की गई. मामले की जांच कर रही विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति सरकार के संबंधित विभागों से प्राप्त आवश्यक सूचनाओं की जांच कर रही है. ये सूचनायें याचिकाकर्ता द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष भी रखी जाने वाली हैं. क़ायदे से राज्य को बदनाम करने वाले इस घोटाले की जांच एसीबी के हवाले की जानी चाहिये. टी-शर्ट खरीद का मामला दो राज्यों से संबंधित है तो इस घोटाला की जाँच सीबीआई को भी सौंपी जा सकती है.
रघुवर दास ने कहा हर जांच के लिए तैयार है
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ एसीबी ने नोटिस भेजा है. एसीबी ने उनको पेश होने को कहा है. इस मामले में रघुवर दास ने प्रेस बयान जारी किया है और कहा है कि मैनहर्ट के मामले पर कुछ लोग राजनीतिक रोटी सेंककर अपना गुजारा कर रहे हैं. 2005 से अब तक इस मामले में आरोपों के अलावा कुछ नहीं मिला है. इस बीच में कई सरकारें आयी और चली गयी. वर्ष 2011 में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कंपनी को भुगतान किया था, उस समय अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री और हेमंत सोरेन वित्त मंत्री थे. फिर भी राज्य सरकार चाहे जिस एजेंसी से जांच कराये, वे घबरानेवाले लोगों में नहीं है. बल्कि मैं ये मांग करता हूं कि निष्पक्ष जांच कराकर सरकार इस मामले का पटाक्षेप करे ताकि कुछ लोग, जो इसे लेकर अपनी राजनीति चमकाने में लगे रहते हैं, उनको जवाब मिल जाये. रघुवर दास ने कहा कि साथ यदि इसकी जांच करायी जाये कि जिस कंपनी को उसके निक्कमेपन के कारण हटाकर मैनहर्ट का कार्य दिया गया था, उस कंपनी के पैरोकारों कौन हैं, इसमें उनका क्या लाभ था, कंपनी का दफ्तर किसके परिसर में था, तो उनकी पोल अवश्य खुल जायेगी. सरयू राय पर संकेतात्मक हमला बोलते हुए रघुवर दास ने कहा है कि झारखंड में ईमानदारी का चोला ओढ़कर कुछ लोग भ्रष्टाचार के नाले में डुबकियां लगा रहे हैं, जल्द ही उनका चेहरा भी बेनकाब होगा. उन्हें मुंह छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी.




