अनिल कुमार, बोकारो : बोकारो में क्रिकेट के नाम पर युवाओं के भविष्य शे खिलवाड़ का मामला फिर सामने आया है. कई खिलाड़ियों ने बोकारो जिला क्रिकेट संघ पर पैसे लेकर स्थानीय खिलाड़ियों की जगह बाहरियों को मौका दिये जाने का आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि स्थानीय खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास व अच्छे प्रदर्शन के बाद भी मौका न देकर बाहरी खिलाड़ियों के साथ पैसे का खेल खेला जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
खिलाड़ी संघर्ष कुमार ने बताया कि उनका परफॉर्मेंस नहीं देखा जाता, जबकि बाहरी लड़कों का देखा जाता है और दोनों का प्रदर्शन बराबर रहने पर भी बाहरी खिलाड़ियों पर ध्यान दिया जाता है. उन्हें संघ के लोग खुद ही बुलाते हैं. हाल में सामने आये अंशुमन सिंह नामक एक खिलाड़ी के मामले में जिस तरह पैसे लेने की बात सामने आई है, उससे स्पष्ट है कि क्रिकेट के नाम पर पैसे का खेल हो रहा है.(नीचे भी पढ़ें)
झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी तथा कई जूनियर क्रिकेट खेल चुके राजू कुमार नामक खिलाड़ी ने कहा – मैं इसके लिए बोकारो जिला क्रिकेट संघ की वर्तमान कमेटी के टॉप अधिकारी दोषी हैं. क्योंकि उनके बिना यह हो ही नहीं सकता. उनको पता है कि कौन लड़का बोकारो में रहता है और कौन बाहरी है. फिर बिना उनकी मिलीभगत के यह सब नहीं हो सकता. (नीचे भी पढ़ें)
उसने कहा कि कोई कुछ सुनता नहीं और जो ज्यादा आवाज उठाता है, उसे डिसीप्लिनरी एक्कशन के तहत बैन कर दिया जाता है. उसे भी गलत के विरोध के कारण 3 साल के लिए बैन कर दिया गया. राजू ने दावा किया कि सेलेक्शन गलत हुआ तो संघ का ही एक खास ग्रुप गवाह बनेगा. वे ही सबूत देंगे और वे ही जज भी होंगे. अभी 5 दिन से मैं जॉइंट सेक्रेटरी से मिलने की कोशिश में हूं, पर नहीं मिल पा रहा हूं.(नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीण इलाके के आनंद कुमार ने कहा कि वह अपने भाई को खेलाने लाया था, लेकिन एसोसिएशन भ्रष्टाचार में आकंठ लिप्त है. यहां बाहरी खिलाड़ियों से पैसे लेकर उन्हें आगे खेलने का मौका दिया जाता है, लेकिन स्थानीय प्रतिभा को योग्य एवं मेहनती होने के बाद भी मौका नहीं दिया जाता. वहीं इस संवाददाता द्वारा इस संबंध में बोकारो क्रिकेट सघ से बात करने की कोशिश करने पर मना कर दिया गया. पदाधिकारी राजेश्वर सिंह ने कहा कि रोड पर चलते लोगों के आरोप लगाने से कुछ नहीं होता.



