अनिल कुमार/बोकारो : चास-बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स की पहल पर सेक्टर 2 स्थित जैन मिलन केंद्र में ‘हलाल सर्टिफिकेशन- भारत विरोधी षड्यंत्र’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई. इस परिचर्चा में वक्ताओं ने हलाल सर्टिफिकेशन को देश एवं देश के उत्पादों के विरुद्ध षड्यंत्र पूर्ण अभियान करार दिया. (नीचे भी पढ़ें)
हिंदू जन जागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा कि भारत सरकार का आधिकारिक संगठन एफएसएसएआइ, एफडीए, एगमार्क आदि उत्पादों का प्रमाणीकरण करते हैं. इसके बावजूद भारत में उत्पादित वस्तुओं को हलाल सर्टिफिकेट दिया जा रहा है. जमीयत उलेमा ए हिंद जैसे संगठन विभिन्न उत्पादों को हलाल प्रमाणपत्र प्रदान रहे हैं. हिंदू व्यापारियों को भी यह प्रमाणन प्राप्त करने के लिए बाध्य किया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि 2013 में यह प्रमाणपत्र देना शुरू हुआ था, जिसके लिए प्रत्येक उत्पाद पर प्रति वर्ष 60 हजार रुपये देने पड़ते हैं. प्रमाण पत्र के जरिए नौ वर्ष में हलाल अर्थव्यवस्था दो ट्रिलियन डालर की हो गई है, जबकि देश की अर्थव्यवस्था 3.11 ट्रिलियन डालर है. देश में समानांतर हलाल अर्थव्यवस्था चलाई जा रही है, जिस पर बैन लगना चाहिए. यह देश के लिए घातक है. रमेश शिंदे ने कहा कि हलाल प्रमाणपत्र के माध्यम से हो रही आय से आतंकवादियों को फंडिंग की जा रही है.



