
रांची : झारखंड के कैबिनेट बैठक में गुरुवार को कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी. इसके तहत सबसे अहम झारखंड में होने वाली बहालियों के लिए नये प्रावधानों को मंजूरी दी गयी. इसके अलावा कर्मचारी चयन आयोग यानी झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) की बहाली की नियमावली में संशोधन कर दिया है. नये संशोधन के तहत अब दो चरणों में परीक्षा नहीं होगी. सभी तरह की बहाली के लिए सिर्फ एक ही परीक्षा देना होगा, जो लिखित होगा. पहले इसके लिए इंटरव्यू का भी प्रावधान था. लेकिन अब लिखित परीक्षा ही होगी. पीटी और मेंस का चक्कर अब खत्म हो गया है. झारखंड में बहाली को लेकर कुल आठ संशोधन के प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी. इसके तहत यह तय किया गया कि जिसकी भी बहाली होगी, उसको स्थानीय रीति-रिवाज, भाषा और परिवेश का ज्ञान होना चाहिए. मैट्रिक और दसवीं उत्तीर्ण के अलावा स्नातक की परीक्षा भी मुख्य परीक्षा ही होगी. भाषा ज्ञान का पहला पत्र ही होगा, जिसमें हिंदी और इंग्लिश ही भाषा था. भाषा ज्ञान की परीक्षा में पहले 30 अंक इंग्लिश और 30 अंक हिंदी में आना जरूरी था, लेकिन अब नया नियम कर दिया गया है कि हिंदी और इंग्लिश दोनों को मिलाकर अभ्यर्थी को 30 अंक आना चाहिए. क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा में 30 फीसदी अंक हासिल होना अनिवार्य होगा जबकि सामान्य ज्ञान की परीक्षा में भी 30 फीसदी अंक हासिल करना होगा. भाषा ज्ञान पहला पत्र होगा, दूसरा पत्र क्षेत्रीय भाषा होगा और तीसरा पेपर सामान्य ज्ञान होगा, जिसका समेकित अंक जोड़कर मेधा सूची का प्रकाशन किया जायेगा. क्षेत्रीय भाषाओं के लिए भी 12 भाषाओं को मंजूरी दी गयी है, जिसमें ऊर्दू, संथाली, बंगला, हो, कुड़ूक, कुड़माली, खूंटा, पंचपरगनिया, ओड़िया, मुंडारी, खड़िया और नागपुरी भाषा शामिल है. झारखंड में मैट्रिक पास युवकों को बहाली में प्राथमिकता दी जायेगी, लेकिन आरक्षित सीटों पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा.
27 प्रस्तावों को दी गयी मंजूरी, मानसून सत्र सिर्फ पांच दिनों का होगा
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र सिर्फ पांच दिनों के लिए ही बुलाया गया है. 3 सितंबर से 9 सितंबर तक का मानसून सत्र आहूत की गयी है, जिसको झारखंड कैबिनेट ने मंजूरी दी. 3 सितंबर शुक्रवार को है और शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी जबकि 9 सितंबर को सत्रावसान हो जायेगा. इसके अलावा कैबिनेट ने कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी है.
ये सारे प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी (नीचे पूरी खबर पढ़ें)
- विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर और स्नातक की पढ़ाई के लिए सेवानिवृत शिक्षकों को रखने का प्रस्ताव है. सेवानिवृत स्नातकोत्तर के अलावा पीएचडी और यूजीसी नेट उत्तीर्ण को भी संविदा पर रखने को मंजूरी दी गयी. 36 हजार रुपये प्रतिमाह पर बहाली होगी.
- संयुक्त लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दी गयी. 3 सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दी गयी. नियुक्त व्यक्ति में इलाहाबाद के लाला लक्ष्मीनारायण डिग्री कॉलेज, सिरसा का एसोसिएट प्रोफेशर है जबकि गोसनर कालेज रांची की अनिमा हांसदा और हजारीबाग के विनोभा भावे विश्वविद्यालय के संत कोलंबा कॉलेज के प्रोफेशर जमाल अहमद की नियुक्ति को मंजूरी दी गयी.
- विभागीय परीक्षा के सरलीकरण को मंजूरी दी गयी. नियमावली 2010 में संशोधन किया गया, जिसके तहत कंप्यूटर टंकन की दक्षता के परीक्षण में हिंदी में 30 शब्द प्रति मिनट और 300 शब्द प्रति दस मिनट को बदलकर हिंदी में 25 शब्द प्रति मिनट और 250 शब्द प्रति 10 मिनट में करना होगा. पहले डेढ़ प्रतिशत गलती की इजाजत थी, लेकिन अब इसको बढ़ाकर दो फीसदी कर दिया गया है.
- वोटर आइ कार्ड देने के लिए 3 करोड़ रुपये दी गयी है.
- रेप और पोक्सो एक्ट के त्वरित सुनवाई के लिए जिला अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के न्यायाधीश वाले 22 फास्ट ट्रैक कोर्ट को अगले दो साल 2023 तक का अवधि विस्तार दिया गया है.
- लोकसभा, विधानसभा, शहरी निकाय, पंचायत चुनाव के दौरान प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को उग्रवादी हमला में मारे जाने पर मिलने वाले मुआवजा को लेकर संशोधन किया गया है. अगर पैतृक विभाग से मुआवजा मिलता है तो क्षतिपूर्ति का समायोजन कर दिया जायेगा.
- झारखंड प्रदूषण पर्षद के सदस्य सचिव की नियुक्ति को लेकर सेवा शर्तों में संशोधन को मंजूरी दी गयी.
- झारखंड प्रदूषण पर्षद के अध्यक्ष की बहाली और सेवाशर्तों में संशोधन किया गया.
- राजभवन सचिवालय में एक अवर सचिव का पद सृजित करने को मंजूरी दी गयी
- जामताड़ा नाला चिलपाड़ा मोड़, अफजलपुर पथ, 20.35 किलोमीटर सड़क को ग्रामीण विकास विभाग से पथ निर्माण विभाग में ट्रांस्फर कर दिया गया, जिसको नये सिरे से 63 करोड़ 75 लाख 77 हजार रुपये से अधिक की राशि खर्च कर बनाने को मंजूरी दी गयी
- पलामू के सलटुआ मोड़ लोहारसेवी रामकांडा पथ 21.11 किलोमीटर की सड़क को भी ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित कर दिया गया. इसको नये सिरे से 88 करोड़ 46 लाख से अधिक खर्च कर बनाया जायेगा.
- लातेहार के बरवाडीह के कुठारपथ कुल लंबाई 7.02 किलोमीटर को भी ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित कर नये सिरे से बनाया जायेगा, जिस पर 34 करोड़ 85 लाख रुपये अधिक खर्च होगा.
- चतरा एनएच 100 पुलिस लाइन से नवाडीह सड़क जिसकी लंबाई 17.06 किलोमीटर है, उसको ग्रामीण निर्माण विभाग से हटाकर पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित कर दी गयी. इस पर 38 करोड़ 91 लाख रुपये से अधिक खर्च होगा.
- पाकुड़ जिला के सिंभूर राधानगर नरहटी होते हुए जाने वाली कुल 23.04 किलोमीटर तक की सड़क को भी ग्रामीण कार्य विभाग से स्थानांतरित कर पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित कर दी गयी, जिस पर 78 करोड़ 5 लाख रुपये खर्च होगा, जिसकी मंजूरी दी गयी.
- रांची जिला के बोड़ा खुकड़ा मांगर, टांगर बसली पथ पर कुरकुरा पथ 15.01 किलोमीटर की सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित कर इसको 35 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक का खर्च कर नये सिरे से बनाया जायेगा.
- दुमका के गरडीह, एनएच 114 के सरडीहा तक के 8.88 किलोमीटर की सड़क को 33 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से बनाया जायेगा. इसको भी ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित कर दी गयी.
- जामताड़ा के जुमनमोड़ एडीबी रोड पर लुधरिया मोड तक 12.01 किलोमीटर तक की सड़क को भी पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दी गयी. यह भी ग्रामीण कार्य विभाग में था. इसको नये सिरे से 39 करोड़ 92 लाख रुपये से अधिक खर्च किया जायेगा.
- पाकुड़ जिला राजदाहा फुल गिझरी पथ 11.26 किलोमीटर को भी ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग में हस्तांतरित करने को मंजूरी दी गयी. इसको नये सिरे से 41 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक खर्च कर बनाने को मंजूरी दी गयी.





