
रांची : झारखंड राज्य के सारे व्यापारियों और कारोबारियों की संस्था फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने सोमवार को अहम फैसला लिया है. इस फैसले के तहत झारखंड चेंबर ने तय किया है कि 21 अप्रैल से लेकर पांच दिनों तक यानी 25 अप्रैल तक अपने सारे कारोबार को स्वत: बंद रखेंगे. रांची में चेंबर की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी गयी. इसमें बताया गया कि जान है तो जहान है. जान ही नहीं बचेगा तो कोई क्या कारोबार कर पायेगा. अब चूंकि लॉकडाउन को लेकर सरकार कोई फैसला नहीं ले रही है तो यह नौबत है कि खुद सेल्फ लॉकडाउन (स्वत: तालाबंदी) लगा लिया जाये. अगर सेल्फ लॉकडाउन नहीं लगाते है तो हालात बदतर होते जायेंगे और वर्तमान हालात में कोरोना के चेन को तोड़ना जरूरी है. इसके लिए जरूरी है कि हम लोग कोरोना के लिए लॉकडाउन खुद से लगा लेंगे क्योंकि अस्पतालों में जगह नहीं है. सिलेंडर की कमी हो गयी है. दवाओं के बगैर लोग मर रहे है. अब हालात बेकाबू हो चुके है. इसके लिए जरूरी है कि हम लोग सेल्फ लॉकडाउन करें. राज्य के सारे व्यापारियों, कारोबारियों और उद्यमियों से इन लोगों ने अपील की है कि 21 से 25 अप्रैल तक सेल्स लॉकडाउन लगा लें ताकि कोरोना के चैन को तोड़ा जा सके. इसके बाद अब राज्य के सारे व्यापारियों, कारोबारियों और उद्यमियों के ऊपर है कि वे लोग इस अपील को मानते है या नहीं मानते है. वैसे इन लोगों ने नयी दिल्ली और राजस्थान की तर्ज पर झारखंड में भी सरकार को लॉकडाउन लगाने की अपील की है ताकि हालात को काबू में रखा जा सके. संवाददाता सम्मेलन में प्रवीण कुमार छाबरा, महासचिव राहुल मारू समेत अन्य लोग मौजूद थे.इन लोगों ने कहा कि निजी अस्पतालों और क्लिनिक और नर्सिंग होम लगातार मेहनत कर रहे है ताकि लोगों की जान बचायी जा सके, लेकिन इस पर भी उन पर ज्यादा दबिश दी जा रही है, जो गैर वाजिब है. वैसे सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स ने मंगलवार को एक दिन का सेल्फ लॉकडाउन लगाने का ऐलान किया है. इसमें कोल्हान की सबसे बड़ी संस्था सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स हिस्सा लेगी या नहीं, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है.












