
रांची/जमशेदपुर : छठ महापर्व पर राज्य सरकार की गाइडलाइंस का हर ओर विरोध हो रहा है. विपक्षी पार्टी भाजपा के विरोध के बीच सत्ताधारी झामुमो के नेताओं ने भी इस गाइडलाइंस का विरोध कर दिया है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के ही मंत्रीमंडल का हिस्सा आपदा प्रबंधन विभाग भी है, जिसका गाइडलाइन सामने आया है, जिसका विरोध झामुमो ने किया है. झामुमो के महासचिव सह प्रवक्ता बिनोद पांडेय ने रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर छठव्रतियों को सीमित संख्या में नदी घाट पर जाने की मांग की है, जिसके लिए अनुमति प्रदान करने की अपील की गयी है. झामुमो के ही गिरिडीह विधायक कुमार सुदिव्य के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि “आपदा प्रबंधन विभाग” ही राज्य में असल आपदा है. आपको बता दें कि यह विभाग कांग्रेस के कोटे से मंत्री बन्ना गुप्ता का है, जिसका झामुमो के विधायक ने न सिर्फ विरोध किया जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर अपना ज्ञापन भी सौंप दिया. इसके अलावा राज्य के पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है कि छठ पर्व के कोरोना गाइडलाइन को संशोधित करें.

कम से कम बिहार सरकार की तर्ज़ पर नई गाइडलाइन घोषित करें. आस्था के पर्व की गंभीरता एवं पवित्रता पर ध्यान दें एवं इसका समादर करें. सरकार में ही विरोध होता देख अब राज्य सरकार नया संशोधित आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है ताकि छठ पर्व शांतिपूर्वक श्रद्धाभाव के साथ मनाया जा सके. इस बीच भाजपा ने भी कड़ा विरोध जताया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने भी विरोध किया है और कहा है कि लोक आस्था एवं सूर्य उपासना के महापर्व छठ पर झारखण्ड सरकार द्वारा इस प्रकार से प्रतिबंध लगाना घोर पाप है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है. श्री प्रकाश ने मांग की है कि इस तुगलकी फरमान को वापस ले और सुरक्षा नियमों के साथ घाटों पर छठ पूजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराए. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा है कि छठ महापर्व के आशय की गाइडलाइंस को हेमंत सरकार का तुगलकी फ़रमान है. भाजपा ने कहा कि झारखंड सरकार एक धर्म विशेष की आस्था का जानबूझकर उपेक्षा कर रही है. हमेशा हिंदुओं के बड़े त्योहारों पर अंतिम समय में गाइडलाइंस जारी होते हैं जिससे असमंजस बनी रहती है. भाजपा प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी ने नदी, तालाबों में सार्वजनिक छठ पूजा करने पर पाबंदी को अविवेकपूर्ण और लोकआस्था पर कुठाराघात बताया. कहा कि बिहार समेत अन्य प्रदेशों में तालाबों में छठ व्रत करने की छूट है लेकिन झारखंड सरकार ने सख़्ती से पाबंदी लागू कर के लोकआस्था का अपमान और उपेक्षा की है. भाजपा ने मुख्यमंत्री से छठ महापर्व की गाइडलाइंस पर पुनर्विचार करने और जरूरी छूट देने का आग्रह किया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लोक आस्था के महापर्व छठ व्रत पर बिहार की तरह झारखंड के तालाबों में सूर्य को अघ्र्य देने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है. अपने पत्र में श्री दास ने कोविड-19 के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा छठ व्रत पर जारी मार्गदर्शन में संशोधन का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन में इस बार छठ महापर्व के दौरान किसी भी नदी, लेक, डैम या तालाब के छठ घाट पर किसी तरह के कार्यक्रम के आयोजन की मनाही की गयी है. लोगों से अपने घरों में ही यह महापर्व मनाने का आग्रह किया गया है. उन्होंने इस संबंध में बिहार सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन की चर्चा करते हुए आग्रह किया है कि झारखंड में भी ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में अवस्थित छोटे तालाबों पर छठ महापर्व के आयोजन (अर्घ्य देने) की अनुमति देते हुए इसके दौरान मास्क के प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग के मानको का अनुपालन का दिशा-निर्देश निर्गत किया जाए.







