
रांची/जमशेदपुर : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सोमवार की शाम को घर लौटते वक्त हमला करने के मामले में अब तक पुलिस ने करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है. इस पूरे मामले के आरोपियों की तलाश की जा रही है जबकि खुद डीजीपी एमवी राव ने कहा है कि किसी भी हाल में इसको बरदाश्त नहीं किया जायेगा. डीजीपी ने साफ तौर पर कहा है कि घटना के पीछे जो लोग भी है, उनको किसी भी हाल में बख्शे नहीं जायेंगे. इधर, इस पूरे मामले में झारखंड सरकार और झारखंड पुलिस को यह लगता है कि भाजपा और विपक्षी दलों का इसमें हाथ होगा. इसको लेकर विपक्षी दलों की भूमिका और संदेहास्पद लोगों के बारे में भी जानकारी ली जा रही है.
सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को उकसाने के मामले की भी जांच शुरू कर दी गयी है. डीजीपी ने कहा है कि यह बरदाश्त करने लायक घटना नहीं है और उपद्रवियों के हाथ पैर तक तोड़ दिये जायेंगे. उन्होंने झारखंड के तमाम जिले के एसपी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ाने को कहा है जबकि रांची के एसएसपी को खास गाइडलाइन जारी किया गया है कि किस तरह मुख्यमंत्री के आवागमन के दौरान सख्ती बरतनी है. रेप के मामले को लेकर सोमवार को लोगों ने जमकर हंगामा किया था और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर ही हमला कर दिया था. पायलट गाड़ी को रोककर तोड़फोड़ कर दी थी. यह आंदोलन रांची के ओरमांझी में एक लड़की की सिरकटी लाश मिली थी, जिसका बलात्कार के बाद हत्या करने का मामला सामने आया था, जिसके खिलाफ लोगों ने हंगामा शुरू किया था. वैसे डीजीपी ने कहा है कि अब तक रेप की पुष्टि नहीं हुई है. सीसीटीवी फुटेज के जरिये भी तलाश की जा रही है.

झामुमो आंदोलित, जमशेदपुर में प्रदर्शन
रांची के किशोरगंज में सोमवार की शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर किये गये हमले के खिलाफ झामुमो के जमशेदपुर प्रखंड की ओर से करनडीह चौक पर प्रदर्शन किया गया. इसके खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की. झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कू के नेतृत्व में आंदोलन किया गया और पुलिस को तत्काल ऐसे हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.













