
जमशेदपुर : झारखंड के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार हेमंत सोरेन सरायकेला पहुंचे. यहां उन्होंने खरसावां गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित की. इस दौरान कोल्हान के नौ विधायक शहीद बेदी पर मौजूद थे. जहां सभी ने बारी-बारी से खरसावां गोलीकांड के शहीदों को नमन किया. उसके बाद मुख्यमंत्री रोड शो करते हुए सभास्थल की ओर रवाना हुए.
आपको बता दें कि सिंहभूम को ओड़िशा में मिलाने के विरोध में 1 जनवरी 1948 को जयपाल सिंह मुंडा की अगुवाई में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया था. जहां सभा को विफल किए जाने को लेकर अंधाधुंध गोलियां बरसाई गई थी, जिसमें अनगिनत लोगों की मौत हुई थी. तब से लेकर आज तक आज के दिन यहां श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है. आजाद भारत का सबसे बड़ा गोलीकांड खरसावां गोलीकांड को माना जाता है. जहां आज तक सही आंकड़ा उपलब्ध सरकार को नहीं हो सका है कि उस दिन कितने लोग शहीद हुए थे.
वर्ष 2020 झारखंडवासियों के लिए सुख, शांति, सद्भाव, उन्नति, समृद्धि एवं सफलताओं का वर्ष हो : हेमंत सोरेन
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की समस्त जनता एवं देशवासियों को नव वर्ष 2020 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने आशा व्यक्त की है कि वर्ष 2020 समस्त झारखंडवासियों के लिए सुख, शांति, सद्भाव, उन्नति, समृद्धि एवं अनंत सफलताओं का वर्ष होगा. उन्होंने कहा कि नया वर्ष समस्त झारखण्ड वासियों के जीवन में खुशहाली लाये. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विकसित, समृद्ध और नए झारखंड के निर्माण के लिए प्रदेश की समस्त जनता से सरकार के विकास यात्रा में सहयात्री बनने का आह्वान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आइये हम सब मिलकर अपने झारखण्ड को बनाएं और संवारें. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखण्ड की चेतना समावेशी है. सभी धर्मों और सभी समुदायों के साथ आदिवासियों, दलितों, गरीबों और पिछड़े हुए लोगों को साथ लेकर प्रगति और खुशहाली के लिए समर्पित प्रयास ही मेरा संकल्प है.






