
रांची : झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव नयी दिल्ली में है. वे संगठन और सरकार दोनों पर चर्चा कर रहे है. सबसे चर्चा कांग्रेस के महासचिव और संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल के साथ हुई है. लगभग सहमति बन गयी है कि जमशेदपुर के घाटशिला से विधायक और प्रदेश अध्यक्ष जैसे अहम पद पर रह चुके प्रदीप कुमार बलमुचू की इंट्री को आलाकमान ने हरी झंडी दे दी है. अब सुखदेव भगत की इंट्री को लेकर चर्चा हो रही है. हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव भी पिछले दो दिनों से दिल्ली दरबार में अलग-अलग नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. उनकी इस बैठकों को कांग्रेस में भी सांगठन में बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है. रामेश्वर उरांव राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और कोषाध्यक्ष पवन बंसल से मुलाकात कर संगठन पर चर्चा की है. बताया जाता है कि प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सुखदेव भगत की इंट्री पर अपना ब्रेक लगा दिया है. वजह है कि लोहरदगा से ही सुखदेव भगत आते है और वहां से चुनाव जीतकर इस बार रामेश्वर उरांव आये है और भाजपा से सुखदेव भगत चुनाव लड़े थे. इस कारण उनकी इंट्री को रोक दी है. हालांकि, कुछ शर्तों के साथ सुखदेव भगत की इंट्री हो सकती है. वैसे सुखदेव भगत को सांसद धीरज साहू का साथ भी मिला है. आपको बता दें कि 2019 के विधानसभा चुनाव में प्रदीप बलमुचू और सुखदेव भगत प्रदेश अध्यक्ष जैसे अहम पद पर आसीन होने के बाद पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टियों से चुनाव लड़े थे. प्रदीप बलमुचू आजसू गये थे जबकि सुखदेव भगत भाजपा में चले गये थे. हालांकि, दोनों चुनाव हार गये थे. अब दोनों कांग्रेस में वापसी चाहते है. किसी तरह प्रदीप बलमुचू को तो इंट्री मिल गयी है, लेकिन सुखदेव भगत को इंट्री रोक दी गयी है.





