
रांची : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहारी-मारवाड़ी रांची में भर गये है. रांची की जमीन दूसरे लोगों के पास चली गयी है. रांची में बिहार के लोग भर गये है. यहां मारवाड़ी बस गये हैं. आदिवासी कमजोर हो गये है, इस कारण उनका शोषण हो रहा है. उन्होंने कहा था कि कभी रांची में आदिवासियों का निवास था, यहां बसे कई इलाकों का नाम उनके नाम पर रखा गया, लेकिन अब सिर्फ नाम है, पर यहां आदिवासी नहीं रहते है. झारखंड में आदिवासी के कमजोर होने की वजह से उनका शोषण हो रहा है. इसका जोरदार विरोध पूरे झारखंड में शुरू हो गया है. कांग्रेस के अंदर ही प्रदेश अध्यक्ष का जोरदार विरोध हो रहा है. वित्त मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव का विरोध करते हुए कांग्रेस की महगामा से विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि भारतीय इतिहास की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस आज भी जोड़ने में विश्वास रखती है, तोड़ने में नहीं. सनत रहे जब भारत एक है तो इसके हर राज्य हर जिले हर धर्म और जाति के लोग भी एक है. दीपिका ने बकायदा ट्विटर पर रामेश्वर उरांव के बयान की कटिंग लगाते हुए कहा है कि ये किसी एक व्यक्ति की सोच हो सकती है, कांग्रेस की नहीं. दीपिका पांडेय सिंह ने इस ट्विट को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और झारखंड के कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह को भी टैग कर दिया है. इस बीच रांची के विधायक सह पूर्व मंत्री भाजपा नेता सीपी सिंह ने अपने बयान में कहा है कि झारखंड किसी के बाप की जागीर नहीं कि इस तरह का बयान दे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बुरी है, रामेश्वर उरांव सही व्यक्ति है, उनको इस बयान के लिए माफी मांगना चाहिए. इस बीच मारवाड़ी और बिहारी समाज ने रामेश्वर उरांव का विरोध किया है. सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया ने कहा है कि झारखण्ड के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समुदाय के बारे में वित मंत्री का बेतुका बयान शोभा नही देता. इसके लिए उन्हें पूरे समुदाय से माफ़ी मांगना चाहिए. इस बीच वैश्य समाज के नेता मोहनलाल अग्रवाल ने कहा है कि रांची के दैनिक अखबार से ज्ञात हुआ की झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव द्वारा कांफ्रेंस मे मारवाड़ी समाज के खिलाफ आपतिजनक टिप्पणी करते हुए बाहरी करार दिया तथा आदिवासियो की जमीन हथियाने का आरोप लगाया. मंत्री के इस बयान नें राज्य के संपूर्ण मारवाड़ी समाज को गहरा ठेस पहुंचाया है और समाज को नीचा दिखाने का काम किया है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है. समाज के लोगो में मंत्री के विरूद्ध आक्रोश व्याप्त है. मंत्री को याद दिलाना चाहता हूँ कि झारखंड मे मारवाड़ी समाज नें विकास मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. मारवाड़ी समाज के लोगो ने झारखंड के कोने कोने मे विधालय, कॉलेज, धर्मशाला, अस्पताल, गौशाला आदि बनाकर इन मूलभूत सुविधाओ को झारखंड की जनता को प्रदान करने का काम किया है. साथ ही बड़ी-बड़ी कंपनियां बनाकर झारखंड के गरीब मजदूर और करोड़ों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है. मारवाड़ी समाज जिस राज्य मे जाकर बस्ता है उस राज्य को तरक्की और उंचाई की राह पर ले जाता है. वह अपना व्यापार की आमदनी का अहम हिस्सा टैक्स के माध्यम से देश और राज्य के विकास में देते आया है. समाज नें झारखंड राज्य के आंदोलन मे हमने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पूरे कोरोना काल में देश जब लॉकडाउन की मार झेल रहा था तो राज्य के हर जिले में मारवाड़ी समाज के लोगो नें गरीब लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराकर पुनः सेवा और सदभाव की एक अहम् मिसाल पेश की है. मंत्री रामेश्वर उरांव को अविलंब सार्वजनिक रूप से मारवाड़ी समाज से माफी मांगनी चाहिए.





