
जमशेदपुर : हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को मंजूरी मलेरिया बुखार के इलाज में काम आती है दवा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने मलेरिया बुखार के इलाज में काम आने वाली दवा के इस्तेमाल को मंजूरी दी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने (आईसीएमआर) द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स ने मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन को कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूरी दी है। इस मंजूरी की जानकारी झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड के अभियान निदेशक की ओर से जिले के डीसी व सिविल सर्जन को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दिया है। साथ ही दवा के उपयोग के लिए गाइडलाइन भी जारी किया गया है।
हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन से कोरोना का इलाज
गाइडलाइन में स्पष्ट कहा गया है कि कोरोना वायरस के संदिग्ध या पुष्ट मामलों को देख रहे स्वास्थ्यकर्मियों और पुष्ट मरीजों के संपर्क में अति जोखिम वाले लोगों को हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन दी जानी चाहिए। साथ ही इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही करना होगा।
बच्चों के लिए नहीं है दवा
इस दवा की अनुशंसा 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं की गई है। इसके अलावा आंख की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी इस दवा का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। परामर्श के मुताबिक सिर्फ पंजीकृत चिकित्सा पेशेवर के निर्देश पर ही यह दवा दी जानी चाहिए। साथ ही दवा के इस्तेमाल में यह सावधानी अवश्य बरती जानी चाहिए कि पहले 400 मिलीग्राम की दवा दिन में दो बार दी जाएगी। इसके बाद 400 मिलीग्राम सप्ताह में एक बार 7 हफ्तों तक दिया जाएगा।







