
जमशेदपुर/रांची : धार्मिक स्थलों को खोलने की झारखंड सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद गुरुवार (8 अक्तूबर) से राज्य भर के धार्मिक स्थल खोल दिये जाएंगे. इसको लेकर राज्य भर में मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारा सहित सभी धार्मिक स्थलों पर तैयारियां शुरू कर दी गई है. धार्मिक स्थलों में आने वाले श्रद्धालुओं को सरकार की गाइडलाइंस का पालन कराने के साफ-सफाई के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मार्किग का काम किया जा रहा है. लाइन लगाने के लिए बहुत से धार्मिक स्थलों में बांस बली लगाया गया है. ताकि भीड़ नहीं लगे और एक-एक कर श्रद्धालु प्रवेश करे.
रजरप्पा मंदिर में साज-सजावट
धार्मिक स्थल के खुल जाने के बाद आगामी 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालु मां छिन्नमस्तिका की पूजा अर्चना कर सकेंगे. लगभग 7 माह के लंबे इंतजार के बाद श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर आई हैं. पर इस बीच एक मायूस कर देने वाली खबर यह भी हैं कि अब श्रद्धालु गर्भ गृह में पूजा अर्चना नही कर सकेंगे.
केवल प्रवेश कर माता का दर्शन कर पाएंगे. कोई भी पूजा सामग्री गर्भ गृह ने प्रवेश वर्जित रहेगा. इसको लेकर रामगढ़ के उपायुक्त संदीप सिंह, एसपी प्रभात कुमार ने छिन्नमस्तिका मंदिर का दौरा किया. अधिकारियों ने प्रशासनिक भवन में स्थानीय पुजारियों के साथ बैठक भी की. उपायुक्त ने पत्रकारों को बताया कि सरकार के गाइडलाइन के अनुसार छिन्नमस्तिके मंदिर को खोलने का निर्णय लिया गया है. मंदिर परिसर में एक बार में 150 लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मां छिन्नमस्तिके देवी की पूजा करेंगे. इस पंक्ति के खत्म होने के बाद बारी-बारी से इसी तरह 150-150 लोग दिन भर पूजा-अर्चना करते रहेंगे. सभी श्रद्धालुओं के लिए मास्क पहना अनिवार्य होगा. मंदिर पहुंचने से पहले कई जगह बैरिकेडिंग की जायेगी. मंदिर में प्रवेश के लिए लाइन लगाने वाले भक्तों को कई बार जगह-जगह पर सैनिटाइज किया जायेगा. थर्मल स्कैनर से श्रद्धालुओं का तापमान भी मापा जायेगा. इसके बाद ही उन्हें मंदिर महाआरती के समय श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित धार्मिक स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कूपन व रजिस्ट्रेशन व्यवस्था की जा सकती है. मंदिर परिसर में एक समय में 25 से ज्यादा श्रद्धालु प्रवेश नहीं करेंगे. महाआरती के समय आम आदमी का प्रवेश वजिर्त होगा.

चर्च में तीन टाइम होगी प्रार्थना सभा
जगह-जगह हुई बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि चर्च में तीन टाइम प्रार्थना सभा होगी. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा. फेस कवर लगाकर ही लोग प्रार्थना सभा में भाग लेंगे.

मस्जिद में दूरी बनाकर करेंगे नमाज अदा
मस्जिदों ने भी अनिवार्य शर्तों के साथ नमाज अदा करने की तैयारी की है. मस्जिदों में नमाजियों के बीच 3 फीट की दूरी अनिवार्य रूप से रखी जाएगी. और मास्क और गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा.
गुरुद्वारों में मत्था टेक कर पाएंगे गुरु का दर्शन
गुरुद्वारों में सिख संगत सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए गुरुद्वारा में मत्था टेक कर गुरु का दर्शन कर पाएंगे. शबद गायन होगा. गुरूद्वारा के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा और मास्क भी अनिवार्य किया गया है.







