रांची : झारखंड के बिजली कंज्यूमरों पर चार साल बाद बोझ बढ़ेगा. जेबीवीएनएल के 2021-22 के बिजली टैरिफ प्रस्ताव पर झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने नया आदेश जारी कर दिया है. आयोग ने वर्तमान बिजली दर में 6.50 फीसदी की बढ़ोतरी की. यानी अब आम कंज्यूमरों को वर्तमान दर से 5 पैसे अधिक देने होंगे. शहरी और ग्रमीण दोनों क्षेत्रों में प्रति यूनिट 5 पैसे बढ़ाया गया है. आयोग ने जेबीवीएनएल के बिजली टैरिफ प्रस्ताव पर जनसुनवाई सहित अन्य औपचारिकताएं पूर्ण करके गुरुवार को रांची स्थित आयोग कार्यालय में आयोग के चेयरमैन और सदस्य ने इसे जारी किया.(नीचे भी पढ़े)
जेबीवीएनएल ने हलांकि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 25 पैसा से लेकर 75 पैसा प्रति यूनिट बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था. अब तक झारखंड में वित्तीय वर्ष 2019-20 वाला ही बिजली टैरिफ लागू था. वित्तीय वर्ष 2020-21 में आयोग ने कोरोना को देखते हुए जेबीवीएनएल के बिजली टैरिफ में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी. इसके बाद जेबीवीएनएल ने हर साल नवंबर में विभिन्न वित्तीय वर्ष के लिए बिजली टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव देते रहा.(नीचे भी पढ़े)
जिसमें वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 का टैरिफ अभी आयोग के पास लंबित है. चूंकि लगातार दो साल तक आयोग पूरी तरह डिफंक्ट था. इसलिए आयोग ने कोई निर्णय नहीं लिया. इस साल आयोग में चेयरमैन और मेंबर बहाल होने के बाद वित्तीय वर्ष 2021-22 के बिजली टैरिफ पर आयोग आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर नयी बिजली दर जारी कर दिया.वित्तीय वर्ष 2021-22 के टैरिफ जारी होने के बाद नियामक आयोग शेष बचे दो वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 पर जल्द फैसला ले सकता है. 2021-22 का टैरिफ प्रोजेक्टेड एकाउंट के आधार पर लिया जा रहा है. जिसमें चूंकि यह 1 जून 2023 से लागू होगा, इसलिए इसमें शेष बचे वित्तीय वर्ष का प्रोजेक्ट एकाउंट का लेखा-जोखा शामिल होगा. (नीचे भी पढ़े)
जेबीवीएनएल से ऑडिटेड एकाउंट मांगी गयी है. अगर समय से सही ऑडिटेड एकाउंट मिल गया, तो शेष बचे दो वित्तीय वर्ष के टैरिफ पर कार्यवाही हो सकती है. नहीं तो फिर आयोग जेबीवीएनएल द्वारा इस वर्ष नवंबर में होने वाले वित्तीय वर्ष 2024-25 में दाखिल किए जाने वाले नया बिजली टैरिफ को मिलाकर समेकित रूप से फैसला ले सकता है. बतातें चलें कि हर वर्ष 30 नवंबर तक नए वित्तीय वर्ष का जेबीवीएनएल के द्वारा बिजली टैरिफ आयोग में फाइल करना अनिवार्य है.




