नई दिल्ली/रांची/जमशेदपुर : बिहार के पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के घायल होने और एक कार्यकर्ता की मौत के संबंध में गठित जांच कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंप दी. वहां लोगों से बातचीत करने और कार्यकर्ताओं से बात कर एक चीज बिल्कुल स्पष्ट हुई कि उस दिन की घटना राज्य प्रायोजित हिंसा का हिस्सा है. पुलिस प्रशासन ने षड्यंत्र करके भाजपा कार्यकर्ताओं को घेरा और उसके बाद बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया. पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को देखना ना पुरुष को, सभी पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाई. इससे बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के सिर पर गंभीर चोटें आयी. (नीचे भी पढ़ें)

साथ ही कई कार्यकर्ताओं के हाथ भी टूट गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि नीतीश कुमार-तेजस्वी यादव सरकार ने बर्बरतापूर्ण पूर्व नियोजित लाठीचार्ज कर सैंकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं को घायल कर दिया. इसमें एक कार्यकर्ता की मौत हो गयी. जांच समिति ने भाजपा कार्यकर्ता, सांसद-विधायक, छात्र और महिलाओं पर हुए षड़यंत्रपूर्ण, बर्बर और अमानवीय लाठीचार्ज की उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से न्यायिक जांच अथवा सीबीआई से जांच कराने का आग्रह किया है. रिपोर्ट सौंपने के दौरान समिति के संयोजक भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के अलावा सदस्य मनोज तिवारी, बीडी राम और सुनीता दुग्गल, बिहार के विधान पार्षद व वरिष्ठ नेता संजय मयूख उपस्थित रहे. आपको बता दें कि पटना में हुए लाठीचार्ज की घटना को लेकर जेपी नड्डा ने जांच कमेटी पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में गठित की थी. इस कमेटी में मनोज तिवावीर, बीडी राम, सुनीता दुग्गल, संजय मयूख सरीखे नेताओं को शामिल किया था. अब इस रिपोर्ट के आगे आने के बाद भाजपा अपनी रणनीति तैयार करेगी.




