जमशेदपुर : लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर दिल्ली में आयोजित आंदोलन में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने भागीदारी निभाई. इस आंदोलन में झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता भी शामिल हुईं. कांग्रेस के जमशेदपुर अध्यक्ष परविंदर सिंह समेत कई नेताओं ने वहां अपना विरोध किया. आंदोलन के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं तथा पात्र नागरिकों के मताधिकार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर विरोध दर्ज कराया गया. आंदोलन में शामिल कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का समान अवसर मिलना चाहिए. मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हो तथा किसी भी पात्र नागरिक को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. (नीचे भी पढ़ें)
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के मताधिकार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मतदान का अधिकार जनता की लोकतांत्रिक भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है. मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में यदि किसी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता की शिकायत सामने आती है, तो उसका निष्पक्ष परीक्षण किया जाना चाहिए. उन्होंने पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने, त्रुटियों के समयबद्ध सुधार तथा शिकायतों के उचित निवारण की आवश्यकता पर बल दिया. मेयर सुधा गुप्ता ने भी लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता आवश्यक है. मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नागरिकों को सही जानकारी उपलब्ध कराना, आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश देना तथा शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था रखना महत्वपूर्ण है. आंदोलन में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नामों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. यदि किसी नागरिक का नाम त्रुटि वश मतदाता सूची से हटता है या किसी पात्र व्यक्ति को सूची में शामिल होने में कठिनाई आती है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने और सुधार कराने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
दोनों नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत का समाधान तथ्यों, निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए. नागरिकों को अपने नाम की स्थिति जांचने, आवश्यक दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका निपटारा प्राप्त करने की सुविधा मिलनी चाहिए. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की इस आंदोलन में भागीदारी के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और नागरिकों की चुनावी भागीदारी से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया. पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं मेयर सुधा गुप्ता की उपस्थिति ने झारखंड से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी को रेखांकित किया. आंदोलन के समापन पर लोकतंत्र की मजबूती, संविधान के प्रति प्रतिबद्धता तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और विश्वास बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रियाओं का पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नियमसम्मत होना आवश्यक है.





