गांडेय : भाकपा माले की ओर से पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत गांडेय प्रखंड के झरघट्टा से पंचायत स्तरीय जन सुनवाई की शुरुआत हुई, जिसमें बड़ी तादाद में पंचायत वासी महिला-पुरुषों ने अपनी समस्याएं रखते हुए सरकार से उनके समाधान की मांग की. लोगों ने समस्याएं हल नहीं होने की स्थिति में भाकपा माले के बैनर तले आंदोलन तेज करने का संकल्प दोहराया. (नीचे भी पढ़ें)

भाकपा माले के प्रखंड सचिव मेहताब अली मिर्जा, ग्रामीण मजदूर सभा के नेता श्याम किशोर हांसदा एवं रामलाल मुर्मू ने जन सुनवाई की अगुआई करते हुए कहा कि जनता का वोट लेकर उन्हें ही समस्याओं के मकड़जाल में फंसे रहने को मजबूर कर दिया गया है. पंचायतों में समस्याओं की भरमार है, लेकिन सरकार या स्थानीय विधायक/सांसद को इनकी चिंता ही नहीं. वहीं, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि इन जन समस्याओं के लिए सीधे तौर पर सरकार की जन विरोधी नीतियां तथा जनता का वोट लेने वाले प्रतिनिधियों का संवेदनहीन रवैया जिम्मेवार है. उन्होंने कहा कि इस पंचायत की लगभग कोई सड़क चलने लायक नहीं न ही कई गांवों को आपस में जोड़ने की कोई सड़क है. पंचायत क्षेत्र के स्कूलों में ठीक से पढ़ाई नहीं होती और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी नसीब नहीं हैं. काम के अभाव में लोग पलायन को मजबूर हैं और मनरेगा के नाम पर लूट मची है. अपना आवास बनाने वाले लाभुकों को खुद की मजदूरी की राशि नहीं मिलती. उन्होंने सरकार से ग्रामीणों का बकाया बिजली बिल माफ करने सहित राशन, पानी, चिकित्सा, आवास, स्कूल, आवागमन आदि से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की. (नीचे भी पढ़ें)

इस कार्यक्रम में 12 सूत्री प्रस्ताव पारित किए गए जिनके तहत बकाया बिजली बिल माफ करने, गरीबों के राशन की चोरी बंद करने, जरूरतमंदों को पीएम आवास देने, नल जल योजना में लूट बंद करने, सरकारी अस्पताल/स्कूलों की व्यवस्था में सुधार करने सहित कई मांगें भी रखीं. उन्होंने मनरेगा की मजदूरी बढ़ाकर 600 रुपया प्रतिदिन करने, पंचायत क्षेत्र में जरूरी पुल पुलियों का निर्माण कर सभी सड़कों को दुरुस्त करने तथा सहारा इंडिया की संपत्ति जब्त कर सभी निवेशकों के पैसे वापस करने की मांग भी की. उन्होंने अप्रैल महीने में बकाया बिजली बिल माफी को लेकर जी एम कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन का भी ऐलान किया. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीताराम गोस्वामी, काली गोस्वामी, बुधन टुडू, रोहित तुरी, राजेश गोस्वामी, रामदेव चौधरी, पिंटू गोस्वामी, बिरालाल मरांडी, उमेश तुरी, बुटूलाल सोरेन, जीवन हेंब्रम, श्यामलाल कोल, ठाकुर यादव, जीतन टुडू, संदीप तुरी, हदीस मियां, मेहंदी हसन, अख्तर अंसारी, मकसूद अंसारी, मंजूर अंसारी आदि सहित अनेक नेता–कार्यकर्ता उपस्थित रहे.




