जमशेदपुर : झारखंड के मानव तस्करी को रोकने और यहां के बहु बेटियों की सुरक्षा को लेकर झारखंड सरकार काफी सतर्क है और लगातार काम कर रही है, लेकिन कई ऐसी घटनाएं अब भी हो रही है, जो झारखंड की महिलाओं के साथ अत्याचार ही है. झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा और सोनुआ थाना क्षेत्र के कुडुबेरा गांव की करीब एक दर्जन लड़कियों को तमिलनाडू के एक कपड़ा मिल कंपनी में काम कराने के लिए ले जाया गया था. उनको तमिलनाडु के कोयबंटूर के सर्रवनामपत्ती एरिया में रखा गया था. (नीचे देखिये पूरी रिपोर्ट और नीचे देखिये अत्याचार का और वीडियो)
बताया जाता है कि करीब 15 दिनों पहले ही इन लड़कियों को ले जाया गया था. उनकी इच्छा के विरुद्ध उनको वहां ले जाकर रखा गया था. जब वे लोग वापस अपना घर जाने की बात कहीं तो लड़कियों के हॉस्टल के वार्डन ने उनकी पिटाई कर दी. इन लड़कियों में पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा और सोनुआ क्षेत्र के कुडुबेरा की लड़की जोबना जोंको, जे जिंगी चाकी, सीता बंकीरा समेत अन्य लड़कियां है. इन लड़कियों के साथ मारपीट की गयी है. अब इन लड़कियों को वहां बंधक बनाकर रखा गया है. बताया जाता है कि उनको तमिलनाडु के करपागम मिल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में काम कराने के लिए ले जाया गया था, जहां उनके साथ मारपीट की गयी है और उनको आने भी नहीं दिया जा रहा है. (नीचे देखिये पूरी रिपोर्ट और नीचे देखिये अत्याचार का और वीडियो)
जब लड़कियां घर आने की इच्छा जता रही है तो उनके साथ मारपीट की जा रही है. इन लड़कियों ने किसी तरह चोरी छिपे इस तरह के अत्याचार का वीडियो भी बनाया है और उसको सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि उनके साथ अत्याचार हो रहा है. ये लड़कियां वापस आना चाहती है. उनको आशा है कि झारखंड सरकार और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद कुछ ऐसा करेंगे कि उनको वहां से मुक्त कराया जा सके. इसको लेकर अब तक वापसी का कोई कदम नहीं उठाया गया है.






