
रांची : झारखंड सरकार ने बुधवार को दो अहम फैसले लिए. भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी सुधीर त्रिपाठी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुधीर त्रिपाठी को झारखंड कर्मचारी सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त करने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. 1985 बैच के अधिकारी रहे सुधीर त्रिपाठी इससे पहले 1 अप्रैल 2019 से 26 सितंबर 2020 तक झारखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के पद पर थे. इससे पहले वे 28 फरवरी 2018 से 31 मार्च 2019 तक राज्य के मुख्य सचिव के पद पर थे. गौरतलब है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में एक अध्यक्ष और सदस्य के दो पद हैं. वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशांत कुमार आयोग के अध्यक्ष के अतिरिक्त प्रभार में है, जबकि सुरेंद्र कुमार सदस्य हैं और सदस्य का एक पद रिक्त है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम 5 वर्ष अथवा 65 साल की उम्र निर्धारित है. पंचम झारखंड विधानसभा के द्वितीय सत्र में स्किल समिट- 2018 और ग्लोबल स्किल समिट- 2019 में जिन व्यक्तियों को ऑफर लेटर दिए गए, उनके नियोजन को लेकर पूछे अल्पसूचित प्रश्न में विधायक प्रदीप यादव ने कई गंभीर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने सरकार से इस मामले की जांच एक स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने की मांग रखी है. उक्त के क्रम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे को अत्यंत गंभीर मानते हुए स्वतंत्र जांच एजेंसी से इसकी जांच कराने का निर्णय लिया है. स्किल समिट- 2018 में 26 हज़ार 674 लोगों को ऑफर लेटर दिया गया था. इसमें उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा 15 हज़ार 869, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 2713, शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा 3317, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा 4418, खनन भूतत्व और उद्योग विभाग द्वारा 198 , पर्यटन, कला , संस्कृति खेल एवं युवा कार्य विभाग द्वारा 159 व्यक्तियों को ऑफर लेटर दिया गया था. वहीं ग्लोबल स्किल सम्मिट- 2019 में 1 लाख 6 हज़ार 619 लोगों को ऑफर लेटर मिला था. इनमें झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी द्वारा 44 हज़ार 693, उच्च शिक्षा द्वारा 12 हज़ार 101, तकनीकी शिक्षा द्वारा 5 हज़ार 963, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 12 हज़ार 451, शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा 14 हज़ार 892 , श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा 10 हज़ार 965, उद्योग विभाग द्वारा 998 और कल्याण विभाग द्वारा 4 हज़ार 556 व्यक्तियों को जॉब ऑफर दिए गए थे. इन दोनों स्किल समिट में दिए गए ऑफर लेटर के आलोक में नियोजन की अद्यतन स्थिति पर विधायक प्रदीप यादव के द्वारा अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, जिसकी जांच एक स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने का निर्णय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के द्वारा लिया गया है.




