रांची/जमशेदपुर : झारखंड में लगातार जारी हीटवेब को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने वीडियो कांफ्रेंसिंग की. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी इसमें हिस्सा लिया. इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, एनएचएम निदेशक भुवनेश प्रताप सिंह उपस्थित थे. इस मीटिंग के दौरान मंत्री बन्ना गुप्ता ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि लू को राष्ट्रीय आपदा में शामिल किया जाये, लू अथवा शीतलहर के कारण हुई मृत्यु को मृत्यु का कारण को स्पष्ट करना आवश्यक है. (नीचे भी पढ़ें)
भारत सरकार को इसकी स्पष्ट मार्ग निर्देश उपलब्ध कराने की मांग की गयी है. आगजनी के प्रकार को परिभाषित करें कि प्राकृतिक आग अथवा मानव जनित है. पूर्व घोषित सुखाड़ के लिए भारत सरकार से क्षतिपूर्ति के लिए कुल 9600 करोड़ रुपये की नियमानुसार सहयोग राशि का मांग किाय गया था, उसकी विमुक्ति किया जाये. उन्होंने मांग की है कि वज्रपात को राष्ट्रीय आपदा में शामिल करने, सभी जिलों में आपदा मित्र की स्वीकृति देने की मांग की गयी. वहीं, आपदा प्रबंधन द्वारा राज्यांश निर्गत करने की अवधि को अधिसीमा को बढ़ाकर 60 दिन करने की मांग की जबकि पहले इसकी अवधि मात्र 15 दिन की थी.




