
जमशेदपुर : झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता मंत्री बनने के बाद पहली बार जमशेदपुर पहुंचे. जहां मंत्री बन्ना गुप्ता का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. मंत्री के शहर पहुंचते ही शहर के रफ्तार पर ब्रेक लग गई. शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई. 3 घंटे तक सड़क जाम से जूझता रहा. इसी बीच मानगो गोल चक्कर पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई.
वैसे इस जाम में 5 एंबुलेंस फस गया. जिसमें 2 एंबुलेंस में 2 मरीज की मौत हो गई. एक मरीज इलाज के लिए जा रहा था तो दूसरा एमजीएम अस्पताल से मरीज को रेफर किया गया था ब्रह्मानंद हृदय अस्पताल, लेकिन दोनों मरीज अस्पताल नहीं पहुंचा और काल के गाल में समा गया. स्वास्थ्य मंत्री जो स्वास्थ्य की बात करते हैं और उनके शहर पहुंचते ही इनके स्वागत के जाम में 5 एंबुलेंस फस गया.
एक तरफ मंत्री को सड़क पर लड्डू से तौला जा रहा था तो दूसरी तरफ गाड़ियों की लंबी कतार में मरीज एंबुलेंस में बैठकर जिंदगी और मौत से जूझ रहा था. इन मरीजों का और एंबुलेंस को देखने वाला कोई नहीं एंबुलेंस ड्राइवर लोगों से अस्पताल जाना है यह विनती करता रहा. और मंत्री के काफिले में 2 मरीज की मौत हो गई. उधर मौत के बाद आम लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखा लोग मंत्री को कोसते रहे.
और यह कहते रहे कि हमने वोट इसलिए दिया था कि आप सड़क जाम कर दो. और एंबुलेंस को उनके अस्पताल तक ना जाने दो कई लोग तो गुस्से में बहुत कुछ कह बैठे. इतना ही नहीं शहर की रफ्तार को पटरी पर आने में 3 घंटा से ज्यादा वक्त लगा.
अब सवाल यह उठता है कि हम जिसे वोट देकर मंत्री बनाते हैं. और वही मंत्री अगर शहर में आए और लोगों की जान ले ले तो लोगों को अपने किए पर पछतावा होना लाजमी है.







