
रांची: झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश राजेश शंकर की अदालत ने निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता राजीव रंजन से पूछा कि क्या किसी व्यक्ति के द्वारा फीस के मामले में संबंधित जनहित याचिका दायर की है. यदि ऐसा है तो इसकी अद्यतन जानकारी उपलब्ध करायी जाए. कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि अभी तक स्कूल फीस वसूल रहे है, इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 6 सितंबर की तिथि निर्धारित की है. इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से यह जानकारी मांगी है कि फीस माफी से जुड़े मामले में जनहित याचिका दायर हुई है या नहीं. विदित हो कि फीस माफी के संबंध में झारखंड अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिशन ने हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है. सुनवाई के दौरान निजी स्कूलों की ओर से पूर्व महाधिवक्ता व राज्य के वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत बताया कि झारखंड सरकार ने जून 2020 में आदेश जारी कर निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस लेने का आदेश दिया है. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के मामले में राज्य सरकार को निर्णय लेने का आदेश दिया है.



