
रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने टाटा स्टील के सहयोग से झारखंड सरकार द्वारा खाड़ी देश के रियाद शहर से मंगाये जा रहे ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाये जाने पर केंद्र सरकार की ओर से लगायी गयी रोक पर सख्त रवैया अपनाया है. 28 मई को ही केंद्र सरकार ने रियाद से ऑक्सीजन सिलेंडर लाये जाने पर रोक लगा दी थी और कहा था कि विदेशों से इस तरह से रिफर्मिस्ड या रियूजेबल सिलेंडर नहीं मंगाये जा सकते है, जिस पर पूरी तरह से पाबंदी लगायी गयी है. राज्य सरकार की ओर से टाटा स्टील के सहयोग से सऊदी अरब के रियाद शहर से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाया जा रहा था कि केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी. इस मामले पर झारखंड हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई हुई. इस मामले में केंद्र सरकार से हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है और पूछा है कि ऑक्सीजन सिलेंडर के निर्यात पर पाबंदी क्यों लगायी गयी है. 17 जून को इस मामले में केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा गया है और 17 जून को ही सुनवाई होनी है. इस दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि झारखंड में ऑक्सीजन की कमी नहीं है बल्कि ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी है, इस कारण राज्य सरकार दूसरे देशों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाना चाहती है. कोरोना के तीसरे लहर के लिए सिलेंडर जरूरत पड़ेगी, लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी है. कोरोना से संबंधित मामलों की सुनवाई के दौरान ही राज्य सरकार की ओर से यह मुद्दा उठाया गया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह नोटिस भेजा है. झारखंड हाईकोर्ट में कोरना से संबंधित कई मामलों की सुनवाई हो चुकी है.




