
जमशेदपुर : वैश्विक महामारी का दौर अभी थमा नहीं है हालांकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं. लॉकडाउन की लंबी अवधि के बाद अर्थव्यवस्था को गति देने की प्रक्रिया लगातार चल रही है. इधर शुक्रवार से राज्य भर के यात्री वाहनों के साथ सभी तरह के व्यवसायिक वाहनों में क्षमता के आधार पर यात्री बैठाने की अनुमति राज्य सरकार ने दे दी है, लेकिन यात्रियों से बढ़े हुए किराए लेने पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी है. साथ ही कोविड-19 के तहत जारी दिशा-निर्देशों को मानना अनिवार्य होगा. नए नियम के अनुसार व्यवसायिक वाहनों एवं यात्री बसों में सीट के अनुसार यात्री बैठ सकते हैं, लेकिन उन्हें मास्क पहनना अनिवार्य होगा. इसके अलावा सभी यात्री बसों में यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए अलग-अलग गेट होना अनिवार्य है. इधर सरकार के फैसले के बाद लगभग 8 महीनों से बंद पड़े यात्री बसों के मालिक अपनी गाड़ियों को दुरुस्त कराने में जुट गए हैं. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)

संभावना जताई जा रही है, कि रविवार से सामान्य रूप से यात्री बसों का परिचालन शुरू हो सकेगा. हालांकि 8 महीनों से बंद गाड़ियां लगभग जर्जर हो चुकी है. जिन्हें फिर से तैयार करने में मालिकों को काफी खर्च आ रहा है. इसको लेकर बसों के मालिक चिंतित हैं. वही किराए में बढ़ोतरी नहीं होने से बसों के मालिक नाराज भी नजर आ रहे हैं. उनका कहना है, कि इतने दिनों में हुए नुकसान की भरपाई आखिर कौन करेगा ! हालांकि सरकार की ओर से इसको लेकर सख्त हिदायत दिया गया है. वही बसों के मालिकों का कहना है कि छठ के बाद इस पर विचार किया जाएगा फिलहाल पुराने किराए में ही यात्रियों को सीट उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के बाहर बिहार बंगाल उड़ीसा के यात्रियों के चेहरों पर खुशी देखी जा रही है. खासकर छठ को लेकर बिहार जाने वाले यात्रियों में खासा उत्साह दिख रहा है. हालांकि यात्रियों को यात्रा से पहले कोविड-19 के तहत दिए गए दिशा निर्देशों का पालन अवश्य करना चाहिए. क्योंकि खतरा अभी टला नहीं है इसके साथ ही ओला, उबर, कैब वगैरह को भी छूट दे दी गई है. अब तक किराया से ज्यादा ये भी यात्रियों से वसूल नहीं कर सकेंगे.







